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बसंत पंचमी 2026: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, सामग्री और महत्वपूर्ण नियम

बसंत पंचमी 2026: 23 जनवरी को सरस्वती पूजा विधि, शुभ मुहूर्त 7:13-12:33, सामग्री लिस्ट, मंत्र, व्रत नियम। घर पर आसान पूजा से विद्या सिद्धि पाएं।
22 January 2026 by
Raj Maurya

बसंत पंचमी 2026: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, सामग्री और महत्वपूर्ण नियम | Skill Astro

बसंत पंचमी 2026 में 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी, जो मां सरस्वती की पूजा का विशेष दिन है। इस पावन पर्व पर सरल और सटीक पूजा विधि अपनाकर ज्ञान, बुद्धि और सफलता प्राप्त करें।​​

बसंत पंचमी 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

बसंत पंचमी माघ शुक्ल पक्ष पंचमी को आती है, जो 23 जनवरी 2026 को दोपहर तक रहेगी। पूजा का अभिजीत मुहूर्त सुबह 7:13 से दोपहर 12:33 बजे तक सबसे शुभ है, पूरा दिन अभुझ मुहूर्त माना गया है। इस समय मां सरस्वती की आराधना करने से विद्या सिद्धि मिलती है।​​

पूजा सामग्री की पूरी सूची

घर पर पूजा के लिए पीली वस्तुओं का विशेष महत्व है। निम्नलिखित सामग्री तैयार रखें:
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सामग्रीमात्रा/विवरण
मां सरस्वती मूर्ति या फोटो1
पीला/सफेद वस्त्र1 आसन के लिए
कलश, नारियल, आम के पत्ते1 सेट
पीले फूल (गेंदा, पलाश)मुट्ठी भर
चंदन, हल्दी, कुमकुमथोड़ा-थोड़ा
धूप, दीप, कपूर1-1 पैकेट
पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)1 कटोरी
भोग: बूंदी लड्डू, केसरिया खीर1 थाली
किताबें, पेन, वाद्ययंत्रछात्रों के लिए

ये सामग्री आसानी से मिल जाती हैं और पीला रंग समृद्धि लाता है।​​

चरणबद्ध पूजा विधि

  1. कलश स्थापना: स्वच्छ स्थान पर पीला वस्त्र बिछाएं, कलश भरकर नारियल स्थापित करें। मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित करें।​

  2. संकल्प: ब्रह्म मुहूर्त में उठें, स्नान कर पीले वस्त्र पहनें। "ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" मंत्र से संकल्प लें।​

  3. षोडशोपचार पूजा: गणेश पूजा से शुरू कर पंचामृत स्नान, चंदन लेपन, वस्त्र, फूल, धूप-दीप करें। किताबों का पुस्तक पूजा करें।​

  4. मंत्र जाप: सरस्वती वंदना ("या कुन्देन्दु तुषारहार धवला..."), बीज मंत्र ("ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः") 108 बार जपें। गायत्री मंत्र भी बोलें।​​

  5. आरती और प्रसाद: आरती करें (चरण 4 बार, नाभि 2, मुख 3, पूर्ण शरीर 7 बार घुमाएं), पुष्पांजलि दें। केसरिया खीर का भोग लगाएं।​

विद्यार्थी किताबें छूएं बिना पूजा करें, पूजा के बाद ग्रहण करें।​

विशेष टिप्स छात्रों के लिए

  • विदyarंभ संस्कार: बच्चों को पहली बार अक्षर सिखाएं, जीभ पर "ऐं" लिखें।

  • परीक्षा सफलता: मंत्र जाप से स्मृति तेज होती है, कला-संगीत में कुशलता मिलती है।

  • पीले भोजन: बेसन लड्डू या खीर खाएं, काइट फ्लाइंग की परंपरा निभाएं।​

क्या करें और क्या न करें

क्या करें:
  • पीले वस्त्र पहनें, पीपल को जल दें।

  • दान करें: किताबें, पीले वस्त्र।

क्या न करें:
  • काले वस्त्र न पहनें, मांसाहार न लें।

  • पूजा के दौरान किताबें न छुएं।​​

बसंत पंचमी का धार्मिक महत्व

यह दिन वसंत ऋतु का स्वागत और मां सरस्वती का प्राकट्य दिवस है। पद्म पुराण के अनुसार, इससे अज्ञान नष्ट होता है। पीला रंग विद्या का प्रतीक है।​

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Raj Maurya 22 January 2026
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