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Nag Panchami Par Kaun Se Mantra Padhein? Janen Nag Devta Ke Mantra, Puja Aur Saral Upay

नाग पंचमी पर किन चमत्कारी मंत्रों का जाप करें? एक पेशेवर ज्योतिषी से जानिए नाग देवता की सिद्ध पूजा विधि, पंचांग मुहूर्त, और जीवन की बाधाओं को दूर करने वाले सरल उपाय।
15 August 2026 by
Ajeet Verma

Nag Panchami Par Kaun Se Mantra Padhein? Janen Nag Devta Ke Mantra, Puja Aur Saral Upay | Skill Astro

Nag Panchami पर कौन से मंत्र पढ़ें? जानें नाग देवता के मंत्र, पूजा और सरल उपाय

नाग पंचमी: एक ज्योतिषी के दृष्टिकोण से रहस्य और भावना 

क्या कभी आपके मन में यह सवाल उठा है कि हम जिस सर्प को देखकर सिहर उठते हैं, भयभीत हो जाते हैं, उसकी हम पूजा क्यों करते हैं? जब एक ज्योतिषी के रूप में मैं लोगों की जन्म कुंडलियां देखता हूँ, तो कई बार चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आती हैं—खासकर तब, जब कुंडली में 'राहु' और 'केतु' का भयंकर जाल बिछा हो। जीवन में अचानक आने वाली बाधाएं, आर्थिक नुकसान, या बनते हुए काम बिगड़ जाना, ये सब सर्प दोष या कालसर्प योग के लक्षण हो सकते हैं।

लेकिन, सनातन धर्म हमें डरना नहीं, बल्कि प्रकृति और उसकी ऊर्जा से जुड़ना सिखाता है। नाग पंचमी सिर्फ एक त्योहार नहीं है; यह एक ब्रह्मांडीय अवसर है। यह वह दिन है जब आप सही मंत्रों की ध्वनि (Vibrations) और सच्ची भावना से अपने जीवन के सबसे बड़े दोषों को आशीर्वाद में बदल सकते हैं। मंत्रों में वह शक्ति है जो बंद किस्मत के ताले खोल सकती है। जब हम नाग देवता के मंत्रों का सही उच्चारण करते हैं, तो हमारे मूलाधार चक्र में सोई हुई कुंडलिनी ऊर्जा जाग्रत होने लगती है और राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव शांत हो जाते हैं।

आइए, एक पेशेवर ज्योतिषीय नजरिए से जानते हैं कि इस नाग पंचमी पर आपको कौन से अचूक मंत्रों का जाप करना चाहिए, सही पूजा विधि क्या है और वे कौन से सरल उपाय हैं जो आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का नया सवेरा ला सकते हैं।

नाग देवता के सिद्ध मंत्र, पूजा विधि और चमत्कारिक सरल उपाय 

नाग देवता को प्रसन्न करने के लिए सही विधि और मंत्रों का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। यहाँ मैं कुछ ऐसे सिद्ध मंत्र और उपाय साझा कर रहा हूँ, जिनका प्रयोग मैं वर्षों से अपने जातकों को करवाता आ रहा हूँ।

नाग पंचमी की सरल पूजा विधि:

नाग पंचमी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर में या किसी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग और नाग देवता की प्रतिमा को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। इसके बाद कच्चा दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक करें। नाग देवता को हल्दी, कुमकुम, अक्षत (चावल), फूल और बेलपत्र चढ़ाएं। सबसे महत्वपूर्ण बात, नाग देवता को धान का लावा (खील) और सफेद मिठाई का भोग अवश्य लगाएं।

जपने योग्य अचूक मंत्र (Mantras):

पूजा के दौरान रुद्राक्ष की माला से इन मंत्रों का जाप आपके जीवन की दिशा बदल सकता है:

  1. नवनाग स्तोत्र (सभी प्रकार के सर्प दोष निवारण हेतु):

    “अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्। शङ्खपालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥”

    (इस मंत्र का 11 बार जाप करने से जीवन के हर क्षेत्र में सुरक्षा मिलती है और अज्ञात भय दूर होता है।)

  2. नाग गायत्री मंत्र (राहु-केतु की शांति और मानसिक शांति हेतु):

    “ॐ नवकुलाय विद्यमहे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प: प्रचोदयात्।”

    (यह मंत्र बहुत ही शक्तिशाली है। इसका 108 बार जाप करने से बुद्धि तीक्ष्ण होती है और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।)

  3. सरल और सर्वशक्तिमान मंत्र:

    यदि आप बड़े मंत्र नहीं पढ़ सकते, तो शिवलिंग पर दूध चढ़ाते समय लगातार “ॐ नागदेवताय नम:” या “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते रहें। भगवान शिव आशुतोष हैं, वे इसी से प्रसन्न हो जाएंगे।

ज्योतिषीय सरल उपाय (Saral Upay):

  • धन वृद्धि के लिए: नाग पंचमी के दिन चांदी के छोटे से नाग-नागिन का जोड़ा लें। उनकी पूजा करने के बाद उन्हें अपने घर की तिजोरी या धन रखने के स्थान पर लाल कपड़े में बांधकर रख दें। इससे घर में बरकत बनी रहती है।

  • कालसर्प दोष निवारण: एक जटा वाला नारियल लें, उस पर मौली (कलावा) लपेटें। इसे नाग देवता और शिव जी के चरणों में स्पर्श कराकर किसी बहती हुई नदी में प्रवाहित कर दें। यह उपाय राहु और केतु की बुरी दशा को तुरंत शांत करता है।

  • स्वास्थ्य और रोग मुक्ति: यदि घर में कोई लंबे समय से बीमार है, तो नाग पंचमी के दिन सपेरे को कुछ धन दान दें और उससे नागों को मुक्त कराने का आग्रह करें, या किसी गरीब को काले तिल और उड़द की दाल का दान करें।

नाग पंचमी पंचांग और शुभ मुहूर्त 

ज्योतिष में किसी भी उपाय या मंत्र जाप का पूर्ण फल तभी मिलता है, जब वह सही तिथि और मुहूर्त में किया जाए। नाग पंचमी हमेशा सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को आती है। नीचे एक मानक पंचांग विवरण दिया गया है (कृपया अपनी सुविधानुसार इस वर्ष का सटीक स्थानीय समय अवश्य जांच लें):

पंचांग का अंग (Panchang Elements)ज्योतिषीय विवरण (Astrological Details)
उत्सव का नामनाग पंचमी (Nag Panchami)
हिन्दू मास व पक्षश्रावण (सावन) मास, शुक्ल पक्ष
तिथिपंचमी तिथि
प्रमुख योगशिव योग / सिद्ध योग (ग्रहों की शांति के लिए सर्वोत्तम)
दिशा शूलपूर्व दिशा (पूजा के समय मुख उत्तर या पूर्व की ओर रखें)
पूजनीय देवताभगवान शिव एवं अष्टनाग
जाप के लिए श्रेष्ठ समयप्रातः काल (सूर्योदय के तुरंत बाद) या प्रदोष काल

आपके मन के सवाल: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: नाग देवता के मंत्रों का जाप किस माला से करना चाहिए?

उत्तर: नाग देवता भगवान शिव के गले का आभूषण हैं, इसलिए इनके मंत्रों का जाप हमेशा 'रुद्राक्ष की माला' से ही करना चाहिए। इससे मंत्रों की ऊर्जा कई गुना बढ़ जाती है।

प्रश्न 2: क्या महिलाएं भी नाग पंचमी के मंत्रों का जाप और शिवलिंग का अभिषेक कर सकती हैं?

उत्तर: बिल्कुल। यह एक बहुत बड़ा मिथक है कि महिलाएं पूजा नहीं कर सकतीं। महिलाएं पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ नाग देवता की पूजा, मंत्र जाप और शिव जी का अभिषेक कर सकती हैं। बस ध्यान रहे कि मासिक धर्म के दौरान यह पूजा न करें।

प्रश्न 3: मेरे पास चांदी का नाग नहीं है, तो मैं पूजा कैसे करूँ?

उत्तर: सनातन धर्म भाव का भूखा है, वस्तुओं का नहीं। यदि चांदी का नाग नहीं है, तो आप तांबे का नाग ले सकते हैं। यदि वह भी संभव न हो, तो गाय के गोबर या साफ मिट्टी से घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर नाग की आकृति बनाकर उनकी पूजा कर सकते हैं।

निष्कर्ष: श्रद्धा और ऊर्जा का संगम

नाग पंचमी का यह पर्व सिर्फ एक परंपरा भर नहीं है, यह ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy) को अपने अनुकूल बनाने का एक पवित्र विज्ञान है। एक ज्योतिषी के तौर पर मैं हमेशा यही कहता हूँ कि ग्रह और नक्षत्र हमें डराने के लिए नहीं, बल्कि हमें हमारे कर्मों के प्रति सचेत करने के लिए होते हैं। जब आप पूरे मन से, बिना किसी भय के, नाग देवता के मंत्रों का उच्चारण करते हैं, तो आप दरअसल अपने भीतर बैठे डर और नकारात्मकता को हरा रहे होते हैं।

इस नाग पंचमी पर मेरी आपको यही सलाह है कि उपायों को बोझ समझकर नहीं, बल्कि ईश्वर से जुड़ने का एक सुंदर रास्ता मानकर करें। भगवान शिव और अष्टनाग आपके जीवन से सभी कष्टों, कालसर्प दोष और आर्थिक संकटों को दूर करें। आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का स्थायी वास हो।

ॐ नमः शिवाय! नागराज देवता की जय! 

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