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मकर संक्रांति 2026: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, तिल गुड़ के फायदे और राशिफल

मकर संक्रांति 2026 में 14 जनवरी को सूर्य का मकर राशि में प्रवेश। जानें शुभ मुहूर्त, स्नान विधि, तिल गुड़ लाभ, 12 राशियों का rashifal और उत्सव महत्व।
13 January 2026 by
Ajeet Verma

मकर संक्रांति 2026: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, तिल गुड़ के फायदे और राशिफल | Skill Astro

मकर संक्रांति हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश पर मनाया जाता है। यह फसल कटाई और नई शुरुआत का प्रतीक है। 2026 में यह 14 जनवरी को मनाया जाएगा।

मकर संक्रांति का महत्व

मकर संक्रांति उत्तरायण का प्रारंभ标志 करती है, जब सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करता है। पौराणिक कथाओं में भगीरथ ने गंगा को पृथ्वी पर लाने के लिए तपस्या की, और यह त्योहार गंगा स्नान से जुड़ा है। ज्योतिषीय दृष्टि से, यह सूर्य की शक्ति बढ़ाने वाला समय है जो स्वास्थ्य, समृद्धि और सौभाग्य लाता है। SkillAstro के अनुसार, इस दिन दान-पुण्य से कुंडली के दोष कम होते हैं। वैदिक ज्योतिष में मकर राशि शनि की है, इसलिए तिल-गुड़ का सेवन शनि दोष निवारण करता है।

2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी बुधवार को है। सूर्य का मकर राशि प्रवेश दोपहर 2:38 बजे होगा। शुभ मुहूर्त:

  • स्नान मुहूर्त: सुबह 6:00 से 8:00 बजे (गंगा या पवित्र नदी में)।

  • पूजन मुहूर्त: 7:30 से 9:30 बजे।

  • दान मुहूर्त: 11:00 से 1:00 बजे।

  • उत्तरायण काल: 14 जनवरी दोपहर 2:38 से प्रारंभ।

    अबू धाबी या प्रयागराज में गंगा सागर मेला आयोजित होगा। उत्तर भारत में पतंग उड़ाना प्रचलित है।

पूजा विधि स्टेप बाय स्टेप

मकर संक्रांति पूजा सरल लेकिन प्रभावशाली है। निम्न steps अपनाएं:

  1. स्नान: सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें, तिल मिले जल से।

  2. सामग्री: तिल, गुड़, गन्ना, खिचड़ी, लाल कपड़ा, चंदन, फूल, अगरबत्ती।

  3. पूजन: स्वच्छ स्थान पर सूर्य देवता की उत्तर दिशा में स्थापना करें। सूर्य मंत्र "ॐ घृणि सूर्याय नमः" का 108 बार जाप।

  4. हवन: तिल-गुड़ अर्पित कर हवन करें।

  5. दान: काला तिल, गुड़, कंबल ब्राह्मण को दें।

  6. आरती: सूर्य आरती के बाद प्रसाद ग्रहण।

    ज्योतिषी सलाह: राशि अनुसार रत्न धारण करें। मेष राशि वाले मूंगा, सिंह वाले रूबी।

तिल-गुड़ के स्वास्थ्य फायदे

तिल-गुड़ का लड्डू संक्रांति का प्रमुख प्रसाद है। आयुर्वेद में तिल गर्म तासीर का होता है जो कफ दोष कम करता है। गुड़ आयरन से भरपूर, जो एनीमिया रोकता है। संयुक्त रूप से:
  • जोड़ों का दर्द कम।

  • इम्यूनिटी बढ़ाए।

  • सर्दी-जुकाम से बचाव।

  • पाचन सुधार।

    वजन नियंत्रण के लिए 1-2 लड्डू पर्याप्त। डायबिटीज रोगी गुड़ कम लें। SkillAstro टिप: संक्रांति पर गुड़ खाने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है।

12 राशियों का मकर संक्रांति राशिफल

यह राशिफल 2026 के लिए विशेष है। सूर्य मकर प्रवेश सभी राशियों को प्रभावित करेगा।
  • मेष: धन लाभ, नौकरी में उन्नति।

  • वृषभ: विवाह योग, पार्टनरशिप सफल।

  • मिथुन: यात्रा फलदायी, शिक्षा में सफलता।

  • कर्क: माता-पिता सुख, संपत्ति लाभ।

  • सिंह: करियर चरम, प्रमोशन।

  • कन्या: व्यापार वृद्धि, निवेश सही।

  • तुला: प्रेम जीवन सुखमय।

  • वृश्चिक: संतान सुख, स्वास्थ्य अच्छा।

  • धनु: धार्मिक यात्रा, मान-सम्मान।

  • मकर: भाग्योदय, नया कार्य शुरू।

  • कुंभ: विदेश यात्रा योग।

  • मीन: वित्तीय स्थिरता।

    पूर्ण कुंडली विश्लेषण के लिए SkillAstro ऐप डाउनलोड करें।

भारत भर में उत्सव विविधताएं

  • पंजाब: लोहड़ी के साथ बरसी, पतंगबाजी।

  • गुजरात: उत्तरायण पतंग उत्सव, आकाश में रंग-बिरंगे पतंग।

  • तमिलनाडु: पोंगल, चार दिवसीय उत्सव।

  • बंगाल: गंगासागर मेला, लाखों स्नान।

  • महाराष्ट्र: तिल गुलाचा, संक्रांति खिचड़ी।

  • हरियाणा: हवन, गुड़-तिल वितरण।

    उत्तर प्रदेश (लखनऊ) में गंगा स्नान और मेला लगता है।

ज्योतिषीय उपाय और टोटके

शनि-सूर्य प्रभाव कम करने हेतु:
  • सूर्य को अर्घ्य दें (तांबे लोटे से)।

  • तिल-चंदन का तिलक लगाएं।

  • गाय को रोटी खिलाएं।

  • काले कुत्ते को गुड़ दें।

  • "ॐ सूर्याय नमः" मंत्र जाप 19,000 बार।

    नकारात्मक ऊर्जा दूर करने हेतु घर में गोबर से स्वास्तिक बनाएं। SkillAstro विशेष: मकर राशि वाले शनि यंत्र स्थापित करें।

आहार और त्योहार व्यंजन

संक्रांति में सात्विक भोजन:
  • तिल-गुड़ लड्डू।

  • खिचड़ी (तिल-चना दाल)।

  • गन्ने का रस।

  • हलवा।

  • पूरी-कचौड़ी।

    व्रत रखने वाले केवल तिल-गुड़ ग्रहण करें। पोषण: तिल में कैल्शियम, गुड़ में मिनरल्स।

वैज्ञानिक महत्व

उत्तरायण सूर्य की किरणें विटामिन डी बढ़ाती हैं। तिल का तेल जोड़ों को गर्म रखता है। फसल उत्सव से किसानों का मनोबल बढ़ता है। जलवायु परिवर्तन में सूर्य चक्र महत्वपूर्ण।

इतिहास और पौराणिक कथा

भगवान विष्णु ने संक्रांति तिथि निर्धारित की। कपिला मुनि और सूर्य पुत्री यमुना की कथा। महाभारत में भी उल्लेख।

FAQs

मकर संक्रांति 2026 कब है?

14 जनवरी 2026, दोपहर 2:38 बजे सूर्य मकर में प्रवेश।

तिल-गुड़ क्यों खाते हैं?

शानी दोष निवारण और स्वास्थ्य लाभ के लिए।

कौन सा मुहूर्त पूजा के लिए शुभ?

सुबह 7:30-9:30 बजे।

पतंग उड़ाना क्यों?

उत्तरायण का प्रतीक, बुराई उड़ाना।

गंगास्नान का महत्व?

पाप नाश और मोक्ष प्राप्ति।

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Ajeet Verma 13 January 2026
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