बसंत पंचमी 2026 की डेट और टाइम
2026 में बसंत पंचमी 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी। पंचमी तिथि की शुरुआत 22 जनवरी को शाम से होगी और समाप्ति 23 जनवरी को दोपहर तक रहेगी। ये टाइमिंग्स इंडिया स्टैंडर्ड टाइम के हिसाब से हैं, जैसे नई दिल्ली या कानपुर के लिए। शुभ मुहूर्त सुबह 7:13 AM से दोपहर 12:33 PM तक है, जो पूरा दिन अभिजीत मुहूर्त वाला बनेगा। अगर अलग सिटी में हैं, तो लोकल पंचांग चेक करें। मुझे लगता है इस बार शुक्रवार होने से पूजा का प्रभाव और बढ़ेगा।
बसंत पंचमी का महत्व
बसंत पंचमी सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि संस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्सव है। यह वसंत ऋतु के आगमन का जश्न मनाता है – फूलों का खिलना, हरियाली और नई उम्मीदों का समय। माँ सरस्वती, जो वीणा वादिनी हैं, उनकी पूजा से विद्या, बुद्धि और क्रिएटिविटी मिलती है। माइथोलॉजी के अनुसार, इसी दिन माँ सरस्वती का अवतरण हुआ। उत्तर भारत में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश जैसे कानपुर में धूमधाम से मनाया जाता है। पीले कपड़े पहनना वसंत और माँ का प्रतीक है। बच्चे सरस्वती वंदना और अक्षर अभ्यास करते हैं, और पतंगबाजी की परंपरा है। ज्योतिषीय रूप से नई शुरुआत के लिए शुभ है।
सरस्वती पूजा विधि: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
पूजा सरल है, घर पर ही कर सकते हैं। तैयारी पहले कर लें ताकि मुहूर्त मिस न हो।
तैयारी:
पीला वस्त्र पहनें।
पूजा स्थल साफ करें, पीला कपड़ा बिछाएँ।
माँ सरस्वती की मूर्ति या फोटो रखें।
सामग्री: पीले फूल (गेंदा, पलाश), फल (बेर), मिठाई (बूंदी लड्डू, केसरिया खीर), किताबें/पेन, वाद्ययंत्र, हल्दी, कुमकुम, धूप, दीप, घी, कलश।
पूजा स्टेप्स:
संकल्प: ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर संकल्प लें – "ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः"।
पूजा शुरू: मुहूर्त में कलश स्थापना, दीप-धूप जलाएँ।
आमंत्रण: गणेश पूजा फिर माँ को आमंत्रित करें।
आरती: "जय सरस्वती माता..." गाएँ (चरण 4, नाभि 2, मुख 3, शरीर 7 बार)।
मंत्र जाप: "या कुन्देन्दु तुषारहार धवला..." वंदना पढ़ें।
प्रसाद: पंचामृत, खीर चढ़ाएँ और बाँटें।
विश्रजन: किताबें न छुएँ। बच्चों को जीभ पर "ऐं" लिखवाएँ।
मंत्र और स्तोत्र
बीज मंत्र: "ऐं" (3 बार)।
सरस्वती मंत्र: "ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" (108 बार)।
सरस्वती स्तोत्र: ऋग्वेद से पूरा पढ़ें। ये सकारात्मक ऊर्जा देते हैं।
क्षेत्रीय उत्सव और परंपराएँ
बंगाल: स्कूलों में सरस्वती पूजा, लड़कियाँ पीली साड़ी पहनती हैं।
पंजाब: पतंग उड़ाना मुख्य आकर्षण।
उत्तर प्रदेश: मंदिरों में भंडारा, गंगा स्नान।
दक्षिण भारत: वसंतोत्सव के रूप में। सोशल मीडिया पर पीले आउटफिट्स की फोटोज शेयर करें।
परफेक्ट सेलिब्रेशन टिप्स
भोजन: बेसन लड्डू, केसर चावल या खीर खाएँ।
सजावट: पीले फूलों से घर सजाएँ।
दान: किताबें, पीले वस्त्र दान करें।
बचें: मांस, शराब, काले कपड़े – सात्विक रहें।
छात्रों के लिए: स्टडी मटेरियल पूजा करें। पीपल को जल दें। ज्ञान ही सबसे बड़ी शक्ति है!
FAQs
बसंत पंचमी 2026 कब है?
23 जनवरी।
मुहूर्त?
7:13 AM से 12:33 PM।
क्या पहनें?
पीला रंग।
