
आठ मुखी रुद्राक्ष हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इसमें स्वयं भगवान गणेश (विघ्नहर्ता) की दिव्य ऊर्जा का वास होता है। इस रुद्राक्ष में आठ प्राकृतिक धारियाँ होती हैं, इसलिए इसे “आठ मुखी” कहा जाता है। यह विशेष रूप से राहु ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है और बाधा निवारण, आयु वृद्धि तथा गणेश जाप की शक्ति को प्रबल बनाने वाला रुद्राक्ष माना जाता है।
नीचे विस्तार से जानिए 8 मुखी रुद्राक्ष के फायदे, नुकसान, धारण करने की विधि, नियम, किसे पहनना चाहिए, किसे नहीं और इसकी कीमत के बारे में:
क्यों पहनें 8 मुखी रुद्राक्ष? (Kyo Pahene 8 Mukhi Rudraksha)
हिंदू ग्रंथों में 8 मुखी रुद्राक्ष को गणेश जी का रूप माना जाता है। धारण करने से सभी विघ्न दूर होते हैं और आयु बढ़ती है। यह आठ दिशाओं और आठ सिद्धियों का प्रतीक है। जीवन के आठ प्रकार के भय – मृत्यु, रोग आदि को हरता है। ज्योतिष अनुसार राहु ग्रह से जुड़ा, इसे पहनने से राहु दोष, कालसर्प या अचानक बाधाएं समाप्त होती हैं। गणेश जाप से सफलता मिलती है। एक बार मेरे एक स्टूडेंट ने बताया, जॉब इंटरव्यू में फेल हो रहा था – पहनने के बाद सिलेक्ट हो गया!
8 मुखी रुद्राक्ष के फायदे (8 Mukhi Rudraksha ke Fayde)
विघ्न बाधा निवारण में बेजोड़
गणेश रूप से सभी रुकावटें हटाता है। नई शुरुआत आसान। स्टूडेंट्स या बिजनेस स्टार्टअप के लिए टॉप।
आयु वृद्धि और लॉन्ग लाइफ
आयु बढ़ाने का सबसे बड़ा लाभ। कमजोर स्वास्थ्य वालों को ताकत देता है। दुर्घटना से बचाता।
राहु दोष से मुक्ति
राहु की महादशा, भ्रम या विदेश यात्रा इश्यूज सॉल्व। मेंटल क्लैरिटी लाता।
गणेश जाप की शक्ति倍
“ॐ गं गणपतये नमः” जाप के साथ पहनें तो चमत्कार। बुद्धि तेज, सफलता पक्की।
स्वास्थ्य लाभ, खासकर त्वचा-कान
त्वचा रोग, कान दर्द या न्यूरोलॉजिकल इश्यूज में मदद। इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग।
करियर और स्टडी में सफलता
फोकस बढ़ाता। एग्जाम या प्रमोशन में पास।
नकारात्मक ऊर्जा ब्लॉक
बुरी नजर, जादू से प्रोटेक्शन।
धन और वैभव आकर्षण
अन्य रुद्राक्ष के साथ कॉम्बो में धन लाता।
रिश्ते सुधार
फैमिली हार्मनी।
आत्मविश्वास बूस्ट
लीडरशिप क्वालिटी।
8 मुखी रुद्राक्ष के नुकसान (8 Mukhi Rudraksha ke Nuksan)
गलत यूज पर:
बाधाएं बढ़ना
अनराइट विधि से रुकावटें।
मानसिक भ्रम
राहु प्रभाव से कन्फ्यूजन।
स्वास्थ्य ड्रॉप
क्षतिग्रस्त से।
निर्णय एरर।
नकली रिस्क।
अपवित्र हानि।
8 मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि (8 Mukhi Rudraksha Pehne ki Vidhi)
शुभ दिन – बुधवार या शनिवार।
शुद्धिकरण – गंगाजल।
पूजा – गणेश जी को।
मंत्र – “ॐ गं गणपतये नमः” 108।
धारण – चांदी/लाल धागा।
दिशा – पूर्व।
नोट: गणेश जाप जरूरी।
8 मुखी रुद्राक्ष किसे पहनना चाहिए? (8 Mukhi Rudraksha Kise Pehne Chahiye)
रुकावट झेलने वाले।
आयु कम/स्वास्थ्य कमजोर।
राहु दोष वाले।
स्टूडेंट्स।
नई शुरुआत वाले।
गणेश भक्त।
राहु प्रभावित कुंडली।
8 मुखी रुद्राक्ष पहनने के नियम (8 Mukhi Rudraksha Pehne ke Niyam)
साफ हाथ।
उतारें स्नान/सोते।
अशुद्ध जगह न।
केमिकल अवॉइड।
सात्विक भोजन।
गणेश पूजा।
लाल धागा।
मंत्र जाप।
8 Mukhi Rudraksha FAQs
8 मुखी कैसे पहनें?
बुधवार शुद्धि, गणेश पूजा, मंत्र 108, पूर्व मुख।
कीमत?
1800-4000 रुपये नेपाली।
मंत्र?
“ॐ गं गणपतये नमः”।
किस राशि?
कन्या/मीन (राहु प्रभाव), सभी बाधा वाले।