
6 मुखी रुद्राक्ष हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इसमें स्वयं भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की दिव्य ऊर्जा का वास होता है, जो ब्रह्मा रूप में रचनात्मक शक्ति प्रदान करता है। इस रुद्राक्ष में छह प्राकृतिक धारियाँ होती हैं, इसलिए इसे “छह मुखी” कहा जाता है। यह विशेष रूप से शुक्र और चंद्र ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है और वशीकरण, इच्छापूर्ति तथा आकर्षण शक्ति को प्रबल बनाने वाला रुद्राक्ष माना जाता है।
नीचे विस्तार से जानिए 6 मुखी रुद्राक्ष के फायदे, नुकसान, धारण करने की विधि, नियम, किसे पहनना चाहिए, किसे नहीं और इसकी कीमत के बारे में:
क्यों पहनें 6 मुखी रुद्राक्ष? (Kyo Pahene 6 Mukhi Rudraksha)
हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार 6 मुखी रुद्राक्ष में भगवान कार्तिकेय और ब्रह्मा की रचनात्मक ऊर्जा का वास होता है। इसे धारण करने वाले को आकर्षण, वशीकरण और इच्छाशक्ति में वृद्धि मिलती है। यह रुद्राक्ष छह शास्त्रों और छह रसों का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही यह जीवन के छह विकारों – काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद और मत्सर को नियंत्रित करने तथा छह गुणों – ज्ञान, वैराग्य, ऐश्वर्य, यश, श्री और धैर्य को बढ़ाने वाला माना जाता है। ज्योतिष अनुसार 6 मुखी रुद्राक्ष शुक्र और चंद्र ग्रह से जुड़ा हुआ है और इसे पहनने से जन्म कुंडली में शुक्र-चंद्र दोष दूर होते हैं तथा प्रेम, करियर और वैवाहिक जीवन में प्रगति मिलती है। मैंने खुद एक दोस्त को सुझाया था, जिसकी शादी में देरी हो रही थी – 3 महीने में बात बन गई!
6 मुखी रुद्राक्ष के फायदे (6 Mukhi Rudraksha ke Fayde)
वशीकरण और आकर्षण शक्ति बढ़ाने में कमाल
छह मुखी रुद्राक्ष का सबसे बड़ा लाभ उन लोगों के लिए है जिनका काम सेल्स, मार्केटिंग या रिलेशनशिप्स से जुड़ा है। यह आकर्षण बढ़ाता है और वशीकरण ऊर्जा देता है। नियमित धारण से व्यक्तित्व चमकदार बनता है और लोग खुद-ब-खुद आकर्षित होते हैं। यही कारण है कि इसे 'लव रत्न' भी कहा जाता है।
प्रेम और वैवाहिक सुख में वृद्धि
छह मुखी रुद्राक्ष के प्रमुख फायदे में वैवाहिक जीवन को मजबूत करना है। यह पार्टनर के बीच आकर्षण बढ़ाता है और झगड़ों को कम करता है। जिनकी लव लाइफ में समस्या है या शादी में देरी हो रही है, उनके लिए यह जीवन बदलने वाला साबित होता है। यह विश्वास और अंतरंगता लाता है।
इच्छापूर्ति और मनोकामना पूरी करने वाला
छह मुखी रुद्राक्ष ब्रह्मा रूप की शक्ति से इच्छाओं को पूरा करता है। यह सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है, जिससे लक्ष्य आसानी से हासिल होते हैं। व्यापार या जॉब में प्रमोशन चाहने वालों को खास फायदा मिलता है – जैसे मेरी एक क्लाइंट ने बिजनेस डील फाइनल करने में इसका इस्तेमाल किया।
मानसिक शांति और चंद्र दोष से मुक्ति
आज की भागदौड़ में तनाव आम है। छह मुखी रुद्राक्ष चंद्र ग्रह को बैलेंस करता है, जिससे मन शांत रहता है। अनिद्रा, डिप्रेशन या मूड स्विंग्स से राहत मिलती है। नियमित पहनने से भावनात्मक स्थिरता आती है।
शुक्र संबंधी रोगों में सहायक
छह मुखी रुद्राक्ष के शारीरिक फायदे भी कम नहीं। यह शुक्र ग्रह से जुड़े इश्यूज जैसे किडनी, प्रजनन स्वास्थ्य या त्वचा समस्याओं में मदद करता है। खासकर पुरुषों के लिए वीर्य संबंधी कमजोरी में फायदेमंद माना जाता है।
व्यक्तित्व विकास और कॉन्फिडेंस बूस्टर
यह रुद्राक्ष आत्मविश्वास बढ़ाता है और लीडरशिप क्वालिटी लाता है। नौकरी इंटरव्यू या पब्लिक डीलिंग में कमाल करता है। ब्रह्मा की रचनात्मक ऊर्जा से क्रिएटिविटी भी जागती है।
नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से सुरक्षा
छह मुखी रुद्राक्ष बाहरी नकारात्मकता, जलन या तंत्र-मंत्र से बचाता है। यह सकारात्मक वाइब्स बनाए रखता है और दुश्मनों पर विजय दिलाता है।
करियर और बिजनेस ग्रोथ
6 मुखी रुद्राक्ष के फायदे बिजनेसमैन, मैनेजर या आर्टिस्ट को मिलते हैं। यह निर्णय लेने की क्षमता तेज करता है और सफलता के रास्ते खोलता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स या सेल्स प्रोफेशनल्स इसे पसंद करते हैं।
रिश्तों में हार्मनी
यह फैमिली और सोशल सर्कल में मधुरता लाता है। गलतफहमियां दूर करता है और बॉन्डिंग स्ट्रॉन्ग बनाता है।
आत्म-सम्मान और प्रसिद्धि बढ़ाता है
धारण करने से व्यक्ति का स्टेटस ऊंचा होता है। समाज में सम्मान मिलता है और लोग प्रभावित होते हैं।
6 मुखी रुद्राक्ष के नुकसान (6 Mukhi Rudraksha ke Nuksan)
हालांकि 6 मुखी रुद्राक्ष के फायदे गजब के हैं, लेकिन गलत तरीके से पहनने, नकली इस्तेमाल या बिना सलाह के धारण करने पर कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। विस्तार से देखें:
अत्यधिक आकर्षण से परेशानी
वशीकरण पावर बढ़ने से कभी अनचाहे लोग आकर्षित हो सकते हैं, जिससे प्राइवेसी इश्यू हो जाए।
भावनात्मक अस्थिरता
गलत विधि से पहनने पर मूड स्विंग्स बढ़ सकते हैं।
निर्णय में भ्रम
बिना गुरु सलाह के पहनने से कन्फ्यूजन हो सकता है।
शिक्षा पर उल्टा असर
क्षतिग्रस्त रुद्राक्ष से फोकस कम हो सकता है।
नकली रुद्राक्ष के जोखिम
नकली पहनने से बाधाएं बढ़ सकती हैं।
अपवित्रता के दुष्प्रभाव
नशा या गंदगी से ऊर्जा कम हो जाती है।
6 मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि (6 Mukhi Rudraksha Pehne ki Vidhi)
सही विधि से पहनें तो पूरे बेनिफिट्स मिलें:
शुभ दिन – शुक्रवार या सोमवार।
शुद्धिकरण – गंगाजल या दूध में डुबोएं।
पूजा – पीपल पत्ता, फूल, धूप-दीप।
मंत्र जाप – “ॐ ह्रीं हं क्लीं नमः” 108 बार।
धारण तरीका – सोना/चांदी या लाल धागा, गले/कलाई में।
दिशा – उत्तर/पूर्व मुख।
नोट: असली लें, ज्योतिषी से सलाह लें। नशा/अशुद्ध अवस्था में न पहनें।
6 मुखी रुद्राक्ष किसे पहनना चाहिए? (6 Mukhi Rudraksha Kise Pehne Chahiye)
प्रेमी जोड़े और शादीशुदा – वैवाहिक सुख के लिए।
बिजनेसमैन और सेल्समैन – आकर्षण के लिए।
क्रिएटिव आर्टिस्ट – इंस्पिरेशन के लिए।
IT/कम्युनिकेशन वर्कर्स – फोकस के लिए।
आत्मविश्वास कम वाले – बूस्ट के लिए।
मानसिक कार्य करने वाले – बैलेंस के लिए।
शुक्र/चंद्र कमजोर कुंडली वाले – दोष निवारण के लिए।
6 मुखी रुद्राक्ष पहनने के नियम (6 Mukhi Rudraksha Pehne ke Niyam)
पवित्रता – साफ हाथों से छुएं।
स्नान/सोते उतारें – पानी से बचाएं।
श्मशान न जाएं।
रसायन दूर – परफ्यूम आदि से।
सात्विक जीवन – नॉन-वेज/शराब अवॉइड।
पूजा – “ॐ नमः शिवाय” जाप।
धारण – लाल रेशम धागा बेस्ट।
मंत्र – “ॐ ह्रीं हं क्लीं नमः” 108 बार।
6 Mukhi Rudraksha FAQs
6 मुखी रुद्राक्ष कैसे पहने?
शुक्रवार को गंगाजल शुद्धि, पूजा, “ॐ ह्रीं हं क्लीं नमः” 108 जाप, लाल धागे में गले में। उत्तर दिशा शुभ।
6 मुखी रुद्राक्ष की कीमत?
नेपाली ओरिजिनल 1200-3000 रुपये। इंडोनेशियन सस्ता, लेकिन नेपाली बेस्ट। सर्टिफाइड चेक करें।
6 मुखी रुद्राक्ष का मंत्र?
“ॐ ह्रीं हं क्लीं नमः” – 108 जाप से शक्ति जागृत।
6 मुखी रुद्राक्ष किस राशि को पहनना चाहिए?
वृषभ/तुला (शुक्र राशि) और कर्क (चंद्र) के लिए स्पेशल। लेकिन प्रेम/बिजनेस वाले सभी को सूट।