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नीच भंग राजयोग: कुंडली में कमजोरी को शक्ति में रूपांतरित करने वाला योग

नीच भंग राजयोग (Neech Bhang Raj Yoga) कुंडली में दुर्बल ग्रह की कमजोरी को रद्द करके उसे शक्तिशाली बना देता है। जानें निर्माण, संघर्ष से सफलता, मानसिक शक्ति और अद्भुत परिणाम।
3 January 2026 by
patel Shivam

नीच भंग राजयोग: कुंडली में कमजोरी को शक्ति में रूपांतरित करने वाला योग | Skill Astro


नीच भंग राजयोग क्या है?

वैदिक ज्योतिष में नीच भंग राजयोग (Neech Bhang Raj Yoga) एक अत्यंत अद्वितीय, प्रभावशाली और रूपांतरकारी योग माना जाता है जो जीवन के सबसे कठोर सत्य को अभिव्यक्त करता है – कि सबसे बड़ी कमजोरी को सही परिस्थितियों में सबसे बड़ी ताकत में रूपांतरित किया जा सकता है। यह योग तब बनता है जब कुंडली में कोई ग्रह अपनी नीच राशि (Debilitated Sign) में स्थित हो, किंतु साथ ही साथ कुछ विशेष ज्योतिषीय शर्तें भी पूरी हों, जिनसे उस दुर्बल ग्रह की कमजोरी (नीचता) पूरी तरह रद्द (Bhang) हो जाती है। शब्द के अनुसार, "नीच" (Neech) का अर्थ है दुर्बल या कमजोर, और "भंग" (Bhang) का अर्थ है रद्द करना, अर्थात जब किसी दुर्बल ग्रह की दुर्बलता पूरी तरह नष्ट हो जाती है और वह ग्रह एक राजयोग (Raj Yoga) का अंग बन जाता है, जो व्यक्ति को राजसी सफलता, शक्ति, और समृद्धि प्रदान करता है।​

नीच भंग राजयोग का सबसे गहरा दर्शन यह है कि जीवन की सबसे बड़ी परीक्षाएँ ही सबसे बड़ी सफलता की ओर ले जाती हैं। ऐसे व्यक्ति को अपने जीवन में प्रारंभिक संघर्ष, चुनौतियाँ, और बाधाएँ अवश्य आती हैं, लेकिन ये सभी परीक्षाएँ उन्हें अंदर से इतना मजबूत बना देती हैं कि बाद में कोई भी शक्ति उन्हें सफल होने से रोक नहीं सकती। इसीलिए नीच भंग राजयोग को "संघर्ष से सफलता का योग" (Yoga of Struggle to Success) भी कहा जाता है। ऐसे लोग अक्सर विश्व के सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित व्यक्तित्व बन जाते हैं, क्योंकि उनकी सफलता केवल भाग्य की नहीं, बल्कि अपने हाथों से जीती हुई होती है।​

नीच और दुर्बल ग्रह क्या हैं?

नीच भंग राजयोग को समझने के लिए पहले यह समझना जरूरी है कि नीच (Debilitated) या दुर्बल ग्रह क्या होते हैं।​

वैदिक ज्योतिष में हर ग्रह के लिए कुछ राशियाँ शुभ और शक्तिशाली मानी जाती हैं, जहाँ वह ग्रह सर्वश्रेष्ठ परिणाम देता है (जैसे उच्च राशि - Exalted Sign)। लेकिन कुछ राशियाँ वह होती हैं जहाँ ग्रह को अपने आप को कठिनाई से व्यक्त करना पड़ता है और वह ग्रह अपनी पूरी शक्ति का उपयोग नहीं कर पाता। इन राशियों को नीच राशि (Debilitated Sign) कहा जाता है। उदाहरण के लिए:​

  • सूर्य तुला राशि में नीच होता है – इसका अर्थ है कि तुला राशि में जन्मा व्यक्ति को आत्मविश्वास, नेतृत्व और व्यक्तिगत शक्ति में कठिनाई हो सकती है।​

  • चंद्र वृश्चिक राशि में नीच होता है – चंद्र माता, मन और भावनाओं का कारक है। वृश्चिक में चंद्र होने से व्यक्ति को मानसिक अस्थिरता, भावनात्मक उथल-पुथल का सामना करना पड़ सकता है।​

  • शनि मेष राशि में नीच होता है – शनि धैर्य, अनुशासन और समय का कारक है। मेष में शनि होने से व्यक्ति को जल्दबाजी, अनुशासन की कमी जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।​

  • बृहस्पति मकर राशि में नीच होता है – इससे ज्ञान, धर्म और आध्यात्मिकता में बाधा आ सकती है।​

लेकिन यहाँ एक बहुत महत्वपूर्ण बात है – केवल नीच ग्रह होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को पूरी जिंदगी कठिनाई ही रहेगी। अगर कुंडली में कुछ विशेष शर्तें पूरी हों, तो वह नीच ग्रह अपने दुर्बल प्रभाव को पूरी तरह खो देता है और एक शक्तिशाली और लाभकारी ग्रह बन जाता है।​

नीच भंग राजयोग कैसे बनता है?

नीच भंग राजयोग के निर्माण के लिए विभिन्न ज्योतिषीय शर्तें हैं। जब ये शर्तें पूरी हों, तो नीच ग्रह की कमजोरी पूरी तरह नष्ट हो जाती है।​

1. दुर्बल ग्रह का स्वामी केंद्र में (Dispositor of Debilitated Planet in Kendra)

सबसे मुख्य और शक्तिशाली शर्त यह है कि दुर्बल ग्रह जिस राशि में स्थित है, उस राशि का स्वामी (Dispositor) केंद्र भावों (1, 4, 7, 10) में हो। उदाहरण के लिए, यदि किसी की कुंडली में सूर्य तुला राशि (नीच) में है, और तुला का स्वामी शुक्र 7वें घर में (जो केंद्र है) या किसी अन्य केंद्र में है, तो नीच भंग राजयोग बनता है। यह शर्त सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि राशि के स्वामी की शक्ति और केंद्रीय स्थिति ही दुर्बल ग्रह को बल (Strength) प्रदान करती है।​

2. उच्च राशि का स्वामी केंद्र में (Exaltation Lord in Kendra)

दूसरी शर्त यह है कि दुर्बल ग्रह की उच्च राशि का स्वामी भी केंद्र में हो। उदाहरण के लिए, चंद्र की उच्च राशि वृष है, और वृष का स्वामी शुक्र है। यदि चंद्र वृश्चिक (नीच) में है और शुक्र केंद्र में है, तो नीच भंग राजयोग बनता है। इस शर्त का मतलब यह है कि दुर्बल ग्रह की समान शक्ति का स्वामी उसे पुनः शक्तिशाली बना देता है।

3. दुर्बल और उच्च ग्रह की एक-दूसरे से दृष्टि (Mutual Aspect)

तीसरी शर्त यह है कि दुर्बल ग्रह उच्च ग्रह से, या उच्च ग्रह दुर्बल ग्रह से, एक-दूसरे को देख रहा हो। यदि ये दोनों ग्रह एक-दूसरे की दृष्टि में हों, तो भी नीच भंग राजयोग का निर्माण होता है। इसे परस्पर दृष्टि (Mutual Aspect) कहते हैं।​

4. दुर्बल और उच्च ग्रह का राशि विनिमय (Sign Exchange)

चौथी शर्त यह है कि दुर्बल ग्रह और उसका उच्च ग्रह एक-दूसरे की राशि में हों। उदाहरण के लिए, यदि मंगल कर्क राशि (नीच) में है, और चंद्र मकर राशि (मंगल की उच्च राशि) में है, तो ये दोनों ग्रह एक-दूसरे की राशि में हैं। यह शर्त सबसे शक्तिशाली मानी जाती है क्योंकि यह एक पूर्ण ऊर्जा विनिमय (Complete Energy Exchange) बनाती है।​

5. दुर्बल ग्रह का केंद्र में होना (Debilitated Planet in Kendra)

पांचवीं शर्त यह है कि दुर्बल ग्रह स्वयं किसी केंद्र भाव (1, 4, 7, 10) में स्थित हो। केंद्र भाव बहुत शक्तिशाली माने जाते हैं, इसलिए यदि दुर्बल ग्रह केंद्र में हो, तो उसकी दुर्बलता का एक बड़ा हिस्सा स्वतः ही नष्ट हो जाता है।​

6. दुर्बल ग्रह का नवांश में उच्च होना (Exalted in Navamsha)

छठी शर्त यह है कि दुर्बल ग्रह भले ही जन्मकुंडली में नीच हो, लेकिन नवांश चार्ट (Navamsha Chart) में उच्च या स्वराशि में हो। नवांश चार्ट ग्रहों की गहरी शक्ति दिखाता है, इसलिए यदि वहाँ दुर्बल ग्रह मजबूत हो, तो नीच भंग राजयोग का निर्माण होता है।​

7. दुर्बल ग्रह का वक्री (Retrograde) होना

सातवीं शर्त यह है कि यदि दुर्बल ग्रह वक्री (Retrograde – पीछे की ओर चल रहा) हो। वक्री ग्रहों को विशेष शक्ति मिलती है, और अक्सर उनकी दुर्बलता भी कमजोर हो जाती है।​

नीच भंग राजयोग के प्रभाव: संघर्ष से सफलता

नीच भंग राजयोग के सबसे विशेष प्रभाव यह है कि यह व्यक्ति को कठिनाई से शुरुआत करने के बाद अद्भुत सफलता दिलवाता है।​

1. संघर्ष और फिर शिखर सफलता (Struggle Then Peak Success)

नीच भंग राजयोग वाले व्यक्ति को जीवन में प्रारंभिक चरण में अवश्य कठिनाई, चुनौतियाँ, और बाधाएँ आती हैं। उन्हें अपने जीवन के पहले दशकों में संघर्ष, गरीबी, बीमारी, या मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन यह कठोरता ही उन्हें मजबूत बनाती है। जब उनका दुर्बल ग्रह दशा में आता है, तो व्यक्ति को लगता है कि उसका भाग्य पलट गया – वह अचानक सफलता, समृद्धि, और सम्मान पाने लगता है। यह एक अद्भुत कायापलट होता है जो आसपास के लोगों को भी अवाक कर देता है।​

2. मानसिक शक्ति और मनोबल (Mental Strength & Resilience)

नीच भंग राजयोग वाले लोगों में एक असाधारण मानसिक शक्ति (Mental Toughness) और आंतरिक सामर्थ्य होता है। उन्हें जीवन ने सिखा दिया होता है कि संकट कैसे सामना करते हैं, असफलता से कैसे उठते हैं, और पीड़ा को कैसे ताकत में रूपांतरित करते हैं। इसीलिए, जब उन्हें बाद के जीवन में सफलता मिलती है, तो वे उसे बेहद समझदारी, विनम्रता और दायित्वबोध के साथ संभालते हैं। उन्हें अगर कभी असफलता भी मिले, तो वे उसे नई सीख मानते हैं, घबराते नहीं हैं।

3. वित्तीय समृद्धि और धन-लाभ (Financial Prosperity)

नीच भंग राजयोग के एक प्रमुख फल है अप्रत्याशित आर्थिक सफलता और समृद्धि। ऐसे लोग अपने क्षेत्र में उच्च आय, बड़ी संपत्ति, और दीर्घकालीन आर्थिक स्थिरता प्राप्त करते हैं। यह धन कभी-कभी विरासत, अप्रत्याशित लाभ, या व्यवसायिक सफलता से आता है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि ये लोग अपने कठोर परिश्रम से धन अर्जित करते हैं, जिससे वह धन सार्थक और टिकाऊ होता है।​

4. करियर में शिखर पद और नेतृत्व (Peak Career Position & Leadership)

नीच भंग राजयोग वाले लोग अपने पेशे या व्यवसाय में शीर्ष पर पहुँचते हैं। वे सरकारी अधिकारी, व्यवसायी, राजनेता, कलाकार, या किसी भी क्षेत्र में शीर्ष व्यक्तित्व बन जाते हैं। उनकी सफलता की कहानी अक्सर प्रेरणादायक होती है, जिससे दूसरे लोग भी प्रभावित होते हैं। वे अपनी जिम्मेदारी को बेहद गंभीरता और ईमानदारी के साथ निभाते हैं।​

5. सामाजिक सम्मान और ख्याति (Social Respect & Fame)

नीच भंग राजयोग वाले व्यक्ति को समाज में विशेष सम्मान, सहानुभूति और प्रशंसा मिलती है। लोग उनकी संघर्ष की कहानी सुनते हैं और उनसे प्रेरित होते हैं। उनके जीवन में आई कठिनाई को लोग नहीं, बल्कि उनकी साहस और दृढ़ संकल्प को याद रखते हैं। ऐसे लोग अक्सर विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हो जाते हैं क्योंकि उनकी सफलता की कहानी सार्वभौमिक होती है।

6. कला और रचनात्मकता में प्रतिभा (Artistic Talent & Creativity)

कई नीच भंग राजयोग वाले लोग कला, संगीत, साहित्य, फिल्म या अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में उत्कृष्ट होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके जीवन की गहरी पीड़ा और अनुभव उन्हें संवेदनशील और रचनात्मक बनाते हैं। उनकी कला में एक आत्मा और सत्यता होती है जो दूसरों को छूती है।​

7. आध्यात्मिकता और आत्मज्ञान (Spirituality & Self-Realization)

नीच भंग राजयोग वाले लोग अक्सर गहरी आध्यात्मिकता, आत्मचिंतन और आत्मज्ञान की ओर आकर्षित होते हैं। उनके जीवन की कठिनाई उन्हें आंतरिक सत्य तक पहुँचने में मदद करती है। ऐसे लोग धर्म, नैतिकता, और जीवन के अर्थ को गहराई से समझते हैं।​

8. स्वास्थ्य और दीर्घायु (Health & Longevity)

हालांकि नीच भंग राजयोग वाले लोगों को प्रारंभिक जीवन में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं, लेकिन जब उनका योग सक्रिय होता है, तो वे मजबूत, स्वस्थ और दीर्घजीवी हो जाते हैं। उनकी आंतरिक शक्ति और सकारात्मक मानसिकता ही उन्हें स्वस्थ रखती है।​

विभिन्न ग्रहों में नीच भंग राजयोग के विशेष प्रभाव

अलग-अलग ग्रहों के नीच भंग राजयोग के अलग-अलग प्रभाव होते हैं।​

ग्रहनीच राशिप्रभाव
सूर्यतुलाआत्मविश्वास की कमी से शुरुआत, फिर शक्तिशाली नेतृत्व।​
चंद्रवृश्चिकमानसिक अस्थिरता से मजबूत भावनात्मक प्रबंधन तक।​
मंगलकर्कसाहस की कमी से युद्ध-कौशल और साहस विकास।​
बुधमीनबुद्धि में कमी से असाधारण संचार कौशल।​
शुक्रकन्यासंबंधों की समस्या से खूबसूरत रिश्ते।​
बृहस्पतिमकरधर्म-ज्ञान की कमी से आध्यात्मिक गुरु बन जाते हैं।​
शनिमेषअनुशासन की कमी से अनुशासित व्यक्ति बन जाते हैं।​

नीच भंग राजयोग की प्रसिद्ध उदाहरणें

1. ऐ. पी. जे. अब्दुल कलाम (A.P.J. Abdul Kalam) – भारत के राष्ट्रपति

भारत के पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक ऐ. पी. जे. अब्दुल कलाम की कुंडली में एक शक्तिशाली नीच भंग राजयोग था। उनका जीवन संघर्ष से शुरू हुआ – गरीब परिवार, कठिन परिस्थितियाँ – लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति तक का पद प्राप्त किया और भारत का मिसाइल मैन बन गए।​

2. ओपरा विनफ्रे (Oprah Winfrey) – टीवी व्यक्तित्व

अमेरिकी टीवी व्यक्तित्व ओपरा विनफ्रे की कुंडली में भी एक मजबूत नीच भंग राजयोग है। उन्हें प्रारंभिक जीवन में गरीबी, भेदभाव, और कठोर परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन बाद में वे विश्व की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में से एक बन गईं।​

नीच भंग राजयोग की कमजोरियाँ

हालांकि यह योग मुख्य रूप से शुभ है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में इसके नकारात्मक पहलू भी देखे जा सकते हैं।​

1. अत्यधिक जिद्दीपन (Excessive Stubbornness)

नीच भंग राजयोग वाले लोग अपने संघर्ष से सीखते हैं, लेकिन कभी-कभी यह उन्हें अत्यधिक जिद्दी और हठी भी बना सकता है। वे अपने तरीके पर इतना आग्रह करते हैं कि दूसरों की राय सुनते नहीं।

2. अतीत की पीड़ा को न भूलना (Inability to Forget Past Pain)

कुछ लोग अपने संघर्ष के दिनों को बार-बार याद करते हैं और उसकी पीड़ा को भूल नहीं पाते। यह उन्हें मानसिक शांति और खुशियों से महरूम कर सकता है।​

3. दूसरों से अत्यधिक उम्मीद (Excessive Expectations from Others)

ऐसे लोग अपने कठोर प्रयासों के कारण दूसरों से भी समान परिश्रम और समर्पण की उम्मीद करने लगते हैं, जिससे संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं।​

नीच भंग राजयोग होने पर क्या करें?

यदि आपकी कुंडली में नीच भंग राजयोग है, तो आपका संदेश है कि आपका संघर्ष आपकी शक्ति है, न कि कमजोरी। इसका पूरा लाभ पाने के लिए:

  • संघर्ष को स्वीकार करें: अपने कठिन समय को जीवन की सीख मानें, न कि श्राप।​

  • धैर्य रखें: नीच भंग राजयोग के फल धीरे-धीरे आते हैं, तत्काल नहीं। धैर्य रखें।​

  • आत्मविश्वास बनाएँ: अपनी शक्ति पर विश्वास रखें और बड़े लक्ष्य निर्धारित करें।

  • दूसरों की सहायता करें: जब सफलता आए, तो दूसरों को अपने संघर्ष से बाहर आने में मदद करें।

  • आध्यात्मिकता को अपनाएँ: ध्यान, योग, और प्रार्थना से मानसिक शांति पाएँ।​

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1: क्या नीच भंग राजयोग वाले लोग को हमेशा कठिनाई आती है?

हाँ, सामान्यतः इस योग वाले लोगों को प्रारंभिक जीवन में चुनौतियाँ आती हैं। लेकिन यह कठिनाई अस्थायी है और बाद में विशाल सफलता में बदल जाती है।​

Q2: क्या नीच भंग राजयोग सभी नीच ग्रहों में बन सकता है?

हाँ, किसी भी नीच ग्रह का नीच भंग राजयोग बन सकता है – सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, शुक्र, बृहस्पति, शनि सभी।​

Q3: दुर्बल ग्रह की महादशा कब आती है?

दुर्बल ग्रह की महादशा का समय ग्रह पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, शनि की महादशा 19 साल की होती है, जबकि बुध की 17 साल की। नीच भंग राजयोग का फल सबसे अधिक इसी महादशा में दिखता है।

Q4: क्या नीच भंग राजयोग के बिना सफल नहीं हो सकते?

बिल्कुल नहीं। बिना इस योग के भी लोग बहुत सफल हो सकते हैं। लेकिन इस योग वाले लोगों की सफलता की कहानी अलग होती है – वह संघर्ष से जीती हुई होती है।​

Q5: क्या महिलाओं के लिए भी यह योग उतना ही शुभ है?

हाँ, बिल्कुल। ज्योतिष में योग का लिंग से कोई संबंध नहीं। महिलाओं के लिए भी नीच भंग राजयोग समान रूप से शक्तिशाली है।​

अंतिम निष्कर्ष

नीच भंग राजयोग कुंडली का एक ऐसा अद्भुत और रूपांतरकारी संयोग है जो इस सार्वभौमिक सत्य को व्यक्त करता है – कि सबसे बड़ी कमजोरी को सही परिस्थितियों में सबसे बड़ी ताकत में बदला जा सकता है। यह योग इस बात का प्रतीक है कि संघर्ष ही जीवन का सबसे बड़ा शिक्षक है, और जो लोग अपनी कठिनाई से सीखते हैं, वे ही सच्ची सफलता प्राप्त करते हैं। इसलिए, यदि आपकी कुंडली में नीच भंग राजयोग है, तो इसे एक दैवीय आशीर्वाद समझें, अपनी सफलता की कहानी को दूसरों को प्रेरित करने के लिए साझा करें, और याद रखें कि आपका आज का संघर्ष आपके कल की समृद्धि है।

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patel Shivam 3 January 2026
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