Skip to Content

चंद्र मंगल योग: कुंडली में इसका अर्थ, प्रकार और जीवन में महत्व

चंद्र मंगल योग (Chandra Mangal Yoga) कुंडली में चंद्र-मंगल युति से बनता है। जानें अर्थ, शुभ-अशुभ फल, धन-प्रतिष्ठा प्रभाव और विभिन्न भावों में इसके फल।
3 January 2026 by
Ajeet Verma

चंद्र मंगल योग: कुंडली में इसका अर्थ, प्रकार और जीवन में महत्व | Skill Astro


चंद्र मंगल योग क्या है?

वैदिक ज्योतिष में चंद्र मंगल योग एक शक्तिशाली ग्रह संयोग है जो चंद्रमा और मंगल की युति या परस्पर दृष्टि से बनता है। चंद्रमा मन, भावनाएँ, शीतलता का प्रतीक है जबकि मंगल साहस, ऊर्जा, अग्नि तत्व का कारक – इनके मिलन से साहसपूर्ण कार्यों से धन और सफलता के योग बनते हैं।​

  • इसे महालक्ष्मी योग या धन योग भी कहा जाता है क्योंकि यह तरल धन, समृद्धि और आत्मविश्वास बढ़ाता है।​

  • शुभ लग्नों (मेष, कर्क, तुला, वृश्चिक, मकर, मीन) में यह विशेष रूप से लाभकारी होता है।​

यह योग जातक को ऊर्जावान, निर्णयशील और संघर्ष में विजयी बनाता है, लेकिन क्रोध या जिद भी बढ़ा सकता है।​

चंद्र मंगल योग कैसे बनता है?

चंद्र मंगल योग के निर्माण के सटीक नियम सरल लेकिन प्रभावी हैं।​

1. मुख्य निर्माण विधियाँ

  • युति (Conjunction): चंद्र और मंगल एक ही राशि या भाव में स्थित हों।​

  • परस्पर दृष्टि: चंद्र और मंगल एक-दूसरे को देख रहे हों (मंगल की 4,7,8 दृष्टि चंद्र पर या vice versa)।​

2. शुभता के कारक

  • दोनों ग्रह शुभ राशियों में, उच्च/स्वराशि में हों और पाप ग्रहों (राहु, केतु, शनि) से मुक्त हों।​

  • यदि मंगल नीच या कमजोर हो तो योग के फल मिश्रित हो जाते हैं।​

3. दशा-अंतर्दशा प्रभाव

योग चंद्र या मंगल की महादशा/अंतरदशा में सबसे अधिक सक्रिय होता है।​

चंद्र मंगल योग के प्रकार

चंद्र मंगल योग को मुख्यतः शुभ और अशुभ फलों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।​

1. शुभ चंद्र मंगल योग

  • शुभ भावों (1,2,5,9,10,11) में युति होने पर धन, प्रतिष्ठा, साहस और सफलता देता है।​

  • विशेषकर 5वें भाव में कलात्मकता, 10वें में व्यापार/पदोन्नति।​

2. अशुभ चंद्र मंगल योग

  • अशुभ भावों (6,8,12) या नीच स्थिति में क्रोध, माता से कलह, स्वास्थ्य समस्या या आर्थिक उतार-चढ़ाव।​

  • मंगल की आक्रामकता चंद्र को पीड़ित कर मानसिक अस्थिरता पैदा कर सकती है।​

चंद्र मंगल योग के मुख्य प्रभाव

यह योग जीवन के कई क्षेत्रों को प्रभावित करता है – सकारात्मक अधिक, लेकिन नकारात्मक भी संभव।​

1. धन और आर्थिक स्थिति

  • महालक्ष्मी योग के रूप में धन अर्जन, व्यापार सफलता, तरल संपत्ति में वृद्धि।​

  • जातक साहसपूर्ण निवेश या जोखिम भरे कार्यों से लाभ कमाता है।​

2. व्यक्तित्व और साहस

  • ऊर्जावान, दृढ़ निश्चयी, स्वतंत्र, जोखिम लेने वाला।​

  • नेतृत्व क्षमता, कॉम्पिटिटिव स्पिरिट – इंजीनियरिंग, मेडिसिन, बिजनेस में सफलता।​

3. करियर और व्यवसाय

  • व्यापार, प्रबंधन, खेल, सेना या मेहनत वाले क्षेत्रों में उन्नति।​

  • 10वें भाव में पदोन्नति, मान-सम्मान।​

4. रिश्ते और परिवार

  • माता से संबंध प्रभावित हो सकते हैं – कलह या अलगाव की संभावना।​

  • वैवाहिक जीवन में जिद या बहस, लेकिन शुभ स्थिति में मजबूत पार्टनरशिप।​

5. स्वास्थ्य और मानसिकता

  • ऊर्जा अधिक लेकिन क्रोध, जिद, आवेग।​

  • रक्तचाप, पेट या मानसिक तनाव संभव।​

विभिन्न भावों में चंद्र मंगल योग के फल

भाव के अनुसार फल भिन्न होते हैं।​

भावमुख्य फल
1st (लग्न)साहसी व्यक्तित्व, नेतृत्व, लेकिन क्रोधी स्वभाव।​
2ndधन संचय, वाक्पटुता, पारिवारिक सुख।​
5thसंतान सुख, बुद्धिमत्ता, कलात्मक प्रतिभा।​
10thकरियर उन्नति, व्यापार सफलता, प्रसिद्धि।​
6thशत्रु विजय लेकिन स्वास्थ्य हानि।​
12thव्यय अधिक, विदेश यात्रा लेकिन अस्थिरता।​

चंद्र मंगल योग कब सक्रिय होता है?

  • चंद्र/मंगल दशा में।​

  • गोचर में जब मंगल चंद्र को दृष्टि दे।​

  • शुभ लग्नों में पूर्ण फल।​

चंद्र मंगल योग के नकारात्मक प्रभाव और निरस्तीकरण

  • क्रोध, जिद, माता कलह, रिश्तों में तनाव।​

  • निरस्तीकरण: मंगलवार व्रत, हनुमान चालीसा, मूंगा रत्न (ज्योतिषी सलाह से), चंद्र मजबूत करने हेतु सोमवार व्रत।​

चंद्र मंगल योग: जीवन के किन क्षेत्रों में लाभ?

  • धन: अपार संपत्ति, कोई आर्थिक संकट नहीं।​

  • करियर: साहसिक कार्यों में सफलता।​

  • व्यक्तित्व: दृढ़, ऊर्जावान लेकिन नियंत्रित क्रोध।​

चंद्र मंगल योग होने पर क्या करें?

  • क्रोध नियंत्रण के लिए योग/ध्यान।​

  • माता सेवा, शुभ कर्म।​

  • कुंडली विश्लेषण के लिए SkillAstro विशेषज्ञ से संपर्क करें।

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1: चंद्र मंगल योग शुभ है या अशुभ?

शुभ लग्नों में धन-सफलता देता है, लेकिन अशुभ स्थिति में क्रोध-कलह।​

Q2: चंद्र मंगल योग धन क्यों देता है?

तरल धन (चंद्र) + साहसपूर्ण अर्जन (मंगल) से लक्ष्मी योग।​

Q3: क्या हर कुंडली में समान फल?

नहीं, भाव, राशि, दृष्टि पर निर्भर।​

Q4: माता पर प्रभाव?

कलह संभव, सेवा से शांत।​

Q5: उपाय क्या हैं?

हनुमान पूजा, मंगलवार व्रत, रत्न।​

Q6: करियर में लाभ?

व्यापार, इंजीनियरिंग, नेतृत्व।​

क्या आपकी कुंडली में चंद्र मंगल योग है? SkillAstro पर विश्लेषण करवाएँ।

READ IN ENGLISH
Ajeet Verma 3 January 2026
Sign in to leave a comment