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मंगल ग्रह - वैदिक ज्योतिष में महत्व, प्रभाव और संपूर्ण जानकारी

मंगल ग्रह हमारे साहस, शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है। यह हमारे जीवन में गतिविधि, निर्णय लेने की क्षमता और युद्ध कौशल लाता है।
22 December 2025 by
मंगल ग्रह - वैदिक ज्योतिष में महत्व, प्रभाव और संपूर्ण जानकारी
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मंगल ग्रह हमारे साहस, शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है। यह हमारे जीवन में गतिविधि, निर्णय लेने की क्षमता और युद्ध कौशल लाता है।

प्रस्तावना

मंगल ग्रह हमारे साहस, शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है। यह हमारे जीवन में गतिविधि, निर्णय लेने की क्षमता और युद्ध कौशल लाता है। हिंदू धर्म में मंगल को देव के रूप में पूजा जाता है। मंगल की प्रखर ऊर्जा हमें कार्य में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। परंतु इसका एक और महत्वपूर्ण पहलू है वैदिक ज्योतिष में मंगल एक क्रूर ग्रह के रूप में हैं और इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस लेख में हम मंगल ग्रह के बारे में विस्तार से जानेंगे। हम जानेंगे कि मंगल (mars) का वैदिक ज्योतिष में क्या महत्व है? इसके साथ ही साहस और आत्मबल पर मंगल का क्या प्रभाव है? मंगल की पौराणिक मान्यता क्या है? मंगल मंत्र, रत्न, रंग क्या है? इस लेख में हम इन्हीं बिंदुओं पर बात करेंगे।

मंगल ग्रह का परिचय

मंगल ग्रह को यदि खगोलीय दृष्टि से देखा जाए तो यह सूर्य से चौथे स्थान पर स्थित है और इसका लाल रंग इसकी सबसे खास विशेषता है। मंगल को लाल ग्रह (Red Planet) भी कहा जाता है। मंगल के कारण ही पृथ्वी पर जीवन की गतिविधि और ऊर्जा बनी रहती है। वैदिक ज्योतिष में भी मंगल को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मंगल को क्रूर ग्रह माना जाता है। ये प्रभावी होते हैं तो जातक में साहस, शक्ति और आत्मविश्वास आ जाता है। मंगल को ऊर्जा और साहस का ग्रह कहा जाता है।

ज्योतिष में मंगल ग्रह का महत्व

साहस और ऊर्जा का कारक ग्रह

ज्योतिष में मंगल को साहस, वीरता और ऊर्जा का कारक माना जाता है। इसके साथ ही ज्योतिष में मंगल को भाई-बहन का प्रतिनिधित्व भी माना जाता है। मंगल के कारण ही भाई-बहन से संबंध मजबूत और सुरक्षात्मक बनता है। जब भी किसी जातक की कुंडली का आकलन किया जाता है तो मंगल की स्थिति को देखा जाता है। क्योंकि ज्योतिष में मंगल को शक्ति, प्रयास और कार्य सिद्धि का कारक कहा जाता है।

मंगल के प्रभाव

मंगल प्रभावी हो तो जातक अपने जीवन में कार्य को सिद्ध करने की क्षमता प्राप्त करता है। इसके साथ ही वह साहसी, निडर और आत्मविश्वासी होता है। महिला की कुंडली में मंगल को पति की शक्ति, साहस और रक्षा के लिए देखा जाता है।

ज्योतिष में मंगल का अपना राशि चक्र भी है। यदि जातक की कुंडली में मंगल की महादशा चल रही हो तो मंगलवार के दिन जातक को विशेष लाभ मिलते हैं।

ज्योतिष में मंगल मेष राशि का स्वामी माना गया है। वृश्चिक राशि में भी मंगल का शासन होता है। मकर राशि में यह उच्च होता है, जबकि कर्क राशि मंगल की नीच राशि मानी जाती है।

मंगल ग्रह की राशि स्थिति

मंगल का 12 राशियों में प्रभाव

मकर राशि (Capricorn) - मंगल का उच्च राशि:

जिन व्यक्तियों की कुंडली में मंगल मकर राशि में स्थित है, वे बहुत अनुशासित, व्यावहारिक और परिश्रमी होते हैं। मकर राशि की पूरी जानकारी

मेष राशि (Aries) - मंगल की अपनी राशि:

मेष में मंगल अत्यंत शक्तिशाली और प्रभावशाली होता है। ऐसे व्यक्ति बेहद साहसी, आक्रामक और नेतृत्व क्षमता वाले होते हैं। मेष राशि की पूरी जानकारी

वृषभ राशि (Taurus):

वृषभ में मंगल व्यक्ति को जिद्दी, लेकिन निर्णायक बनाता है। वृषभ राशि की पूरी जानकारी

मिथुन राशि (Gemini):

मिथुन में मंगल व्यक्ति को बातूनी, तेज और चतुर बनाता है। मिथुन राशि की पूरी जानकारी

कर्क राशि (Cancer) - मंगल की नीच राशि:

कर्क में मंगल कमजोर होता है। ऐसे व्यक्तियों को भावनात्मक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कर्क राशि की पूरी जानकारी

सिंह राशि (Leo):

सिंह में मंगल व्यक्ति को गौरवान्वित, नाटकीय और प्रभावशाली बनाता है। सिंह राशि की पूरी जानकारी

कन्या राशि (Virgo):

कन्या में मंगल व्यक्ति को विश्लेषणात्मक और कार्यक्षम बनाता है। कन्या राशि की पूरी जानकारी

तुला राशि (Libra):

तुला में मंगल व्यक्ति को संघर्षशील और संतुलन की चाह रखने वाला बनाता है। तुला राशि की पूरी जानकारी

वृश्चिक राशि (Scorpio) - मंगल की अपनी राशि:

वृश्चिक में मंगल बेहद शक्तिशाली और गहरे प्रभाव वाला होता है। वृश्चिक राशि की पूरी जानकारी

धनु राशि (Sagittarius):

धनु में मंगल व्यक्ति को आशावादी और साहसी दार्शनिक बनाता है। धनु राशि की पूरी जानकारी

कुंभ राशि (Aquarius):

कुंभ में मंगल व्यक्ति को मौलिक और सामाजिक सुधारवादी बनाता है। कुंभ राशि की पूरी जानकारी

मीन राशि (Pisces):

मीन में मंगल व्यक्ति को आध्यात्मिक लेकिन सक्रिय बनाता है। मीन राशि की पूरी जानकारी

मंगल का मानव जीवन पर प्रभाव

शारीरिक प्रभाव

मंगल हमारे शारीरिक शक्ति और ऊर्जा का स्रोत है। इन्हीं के कारण हम कार्य करने में सक्षम होते हैं। मंगल का प्रभाव हमारे मांसपेशियों, रक्त परिसंचरण और जीवन शक्ति पर भी पड़ता है।

ज्योतिष के अनुसार जिस जातक की कुंडली में मंगल शक्तिशाली होते हैं उसका चेहरा तेजस्वी, शरीर मजबूत होता है तथा आंखें प्रभावशाली होती हैं। जातक के शरीर में मंगल रक्त, मांस और सहायक ऊतकों का प्रतिनिधित्व करते हैं। शारीरिक संरचना व ज्योतिष के अनुसार मंगल बाई ओर के अंगों को दर्शाता है।

मजबूत मंगल के लाभ

ज्योतिष के मुताबिक यदि किसी जातक की कुंडली में मंगल मजबूत (बली) है तो:

  • जातक बेहद साहसी और निडर होता है

  • जातक को शारीरिक शक्ति और ऊर्जा मिलती है

  • वह आत्मविश्वासी और निर्णयशील होता है

  • जातक कार्य को पूरा करने में सक्षम होता है

  • जीवन में उसे कड़े परिश्रम से सफलता मिलती है

  • जातक नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण होता है

  • भाई-बहन से मजबूत संबंध होता है

  • जातक साहसिक कार्यों में सफल होता है

  • सैनिक, अग्निशामक या खेल क्षेत्र में सफल हो सकता है

  • जातक आक्रामक व प्रतिक्रियाशील होता है

  • रक्त संबंधी समस्याएं नहीं होती

कमजोर मंगल के नुकसान

जिस जातक की कुंडली में मंगल पीड़ित होते हैं या प्रभावी नहीं होते हैं उन जातकों पर इसका गहरा असर पड़ता है:

  • जातक कमजोर और नपुंसक महसूस कर सकता है

  • साहस और आत्मविश्वास की कमी हो सकती है

  • निर्णय लेने में असमर्थता आ सकती है

  • जातक विलंब करने वाला हो सकता है

  • भाई-बहन से संबंध खराब हो सकते हैं

  • दुर्घटनाओं और चोटों का जोखिम बढ़ सकता है

  • जातक आलसी और निष्क्रिय हो सकता है

  • शारीरिक कमजोरी और रोग हो सकते हैं

  • रक्ताल्पता और रक्त संबंधी समस्याएं हो सकती हैं

  • जातक आत्म-संदेह से ग्रस्त हो सकता है

मंगल की पौराणिक मान्यता

देव के रूप में मंगल

मंगल को युद्ध के देव के रूप में पूजा जाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं में मंगल को देव कहा गया है। मंगल की शक्ति और साहस को युद्ध कौशल का प्रतीक माना जाता है।

मान्यता के अनुसार मंगल पृथ्वी के पुत्र हैं। मंगल को अंगारक, कुज, भौम जैसे नामों से भी जाना जाता है।

मंगल और मंगलवार

जैसा कि आपने देखा होगा, आपके घर में या आस-पड़ोस में कोई लोग मंगल को नमस्कार करते हैं और मंगल को समर्पित उपाय करते हैं। क्योंकि जातक इसके शारीरिक और मानसिक लाभ को पाने के लिए ऐसा करते हैं।

हिंदू पंचांग के अनुसार मंगलवार का दिन मंगल के लिए समर्पित है जो कि सप्ताह का एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।

मंगल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

मंगल के सिंबल्स

तत्वविवरण
यंत्रमंगल यंत्र
मंत्रॐ भौमाय नमः
रत्नमूंगा (Coral)
रंगलाल / भगवा
जड़जीरा
दिनमंगलवार
दिशादक्षिण
धातुतांबा

मंगल मंत्र

ॐ भौमाय नमः - यह मंगल का सबसे प्रसिद्ध और प्रभावी मंत्र है। इसे मंगलवार को सूर्योदय के समय 108 बार जपने से विशेष लाभ मिलता है।

मूंगा रत्न

मंगल का रत्न मूंगा (Coral) है। यह लाल, गहरे लाल या नारंगी रंग का होता है। मूंगा को तांबे की अंगूठी में लगाकर मंगलवार को पहना जाता है। कम से कम 3-5 कैरेट का मूंगा पहनना चाहिए। मूंगा पहनने से साहस बढ़ता हैआत्मविश्वास आता है और शारीरिक शक्ति मिलती है।

मंगल का रंग

मंगल का रंग लाल (Red) या भगवा (Saffron-Red) है। ये रंग शक्ति, साहस और ऊर्जा का प्रतीक हैं। मंगलवार को लाल रंग के कपड़े पहनने से मंगल की कृपा प्राप्त होती है।

मंगल के शक्तिशाली उपाय

मंगल पूजा

यदि जातक की कुंडली में मंगल कमजोर या पीड़ित हैं तो निम्नलिखित उपाय करने चाहिए:

मंगलवार को विशेष पूजा:

  • सूर्योदय के समय दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके बैठें

  • मंगल को लाल फूल और गुड़ अर्पित करें

  • हनुमान जी का ध्यान करें (मंगल के शास्त्रीय उपाय)

हनुमान चालीसा का पाठ

हनुमान चालीसा मंगल को मजबूत करने के लिए सबसे प्रभावी उपाय है:

  • मंगलवार को नियमित रूप से पाठ करें

  • मंगल की कमजोरी दूर होती है

  • साहस और शक्ति बढ़ती है

मंगल मंत्र जप

मंगल के लिए विशेष जप:

  • दैनिक 108 बार ॐ भौमाय नमः जप करें

  • मंगलवार को करना सर्वश्रेष्ठ है

  • साहस, शक्ति और ऊर्जा बढ़ाता है

मंगल व्रत

मंगलवार को व्रत रखना:

  • मंगलवार को विशेष व्रत रखें

  • लाल रंग की खाद्य वस्तुओं का सेवन करें

  • मसूर की दाल और लाल फूल चढ़ाएं

दान करें

मंगलवार को निम्नलिखित दान करें:

  • मूंगा (यदि संभव हो)

  • लाल कपड़े

  • लाल फूल (गुलाब)

  • गुड़ और मसूर की दाल

  • दरिद्रों को भोजन कराएं

मंगल महादशा (Mahadasha)

मंगल की महादशा 7 वर्ष तक चलती है। यदि किसी की कुंडली में मंगल की महादशा चल रही है तो:

यदि मंगल मजबूत है:

  • साहस और शक्ति में वृद्धि होती है

  • व्यावहारिक कार्यों में सफलता मिलती है

  • शारीरिक ऊर्जा बढ़ती है

  • सैनिक या खेल क्षेत्र में सफलता संभव है

  • भाई-बहन का समर्थन मिलता है

यदि मंगल कमजोर है:

  • साहस की कमी

  • शारीरिक कमजोरी

  • दुर्घटनाओं का खतरा

  • भाई-बहन से समस्याएं

  • आत्मविश्वास में कमी

अंकज्योतिष में मंगल

अंकज्योतिष (Numerology) में संख्या 9 मंगल से संबंधित है। यदि आपका जन्म संख्या 9 है, तो आप मंगल के गुणों से प्रभावित हैं।

अधिक अंकज्योतिष जानकारी के लिए:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: क्या मैं बिना मूंगे के मंगल को मजबूत कर सकता हूं?

हां, बिल्कुल। हनुमान चालीसा का पाठ, मंगल मंत्र का जप, और मंगलवार व्रत भी मंगल को मजबूत करने के बहुत प्रभावी तरीके हैं।

प्रश्न 2: मंगल पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन कौन सा है?

मंगलवार को मंगल का दिन माना जाता है। सूर्योदय के समय मंगलवार को पूजा करना सबसे अधिक लाभकारी है।

प्रश्न 3: हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़नी चाहिए?

आदर्श रूप से सप्ताह में कम से कम 3-4 बार पढ़ें। मंगलवार को दैनिक पाठ सबसे अच्छा है।

प्रश्न 4: ॐ भौमाय नमः मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?

आदर्श रूप से 108 बार दैनिक जप करें। यदि यह संभव न हो, तो 27 या 54 बार भी प्रभावी है।

प्रश्न 5: मंगल व्रत कैसे रखें?

मंगलवार को व्रत रखते समय लाल अन्न (मसूर, लाल चावल) का सेवन कर सकते हैं। पूरे दिन सात्विक आहार लें।

प्रश्न 6: अगर मेरी कुंडली में मंगल नीच है, तो क्या मैं साहसी हो सकता हूं?

हां, निश्चित रूप से। सही उपाय और कड़ी मेहनत से मंगल को मजबूत किया जा सकता है।

प्रश्न 7: मंगल की पूजा के लिए कौन सी दिशा सर्वश्रेष्ठ है?

दक्षिण दिशा मंगल की दिशा है। दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके पूजा करना सर्वश्रेष्ठ है।

प्रश्न 8: क्या महिलाएं मंगल पूजन कर सकती हैं?

हां, बिल्कुल। मंगल पूजा किसी भी लिंग के लिए खुला है। हनुमान चालीसा का पाठ सभी के लिए लाभकारी है।

निष्कर्ष

मंगल ग्रह वैदिक ज्योतिष में साहस, शक्ति और कार्य सिद्धि का सबसे महत्वपूर्ण ग्रह है। इसका प्रभाव हमारे शारीरिक विकास, साहस और निर्णय लेने की क्षमता पर सीधे पड़ता है। मंगल को मजबूत करने के लिए नियमित पूजा-पाठ, हनुमान चालीसा का पाठ, और मंत्र जप सर्वोत्तम तरीके हैं।

याद रखें, मंगल हमें साहस, शक्ति और आत्मनिर्भरता सिखाता है। मंगल के सकारात्मक प्रभाव को आकर्षित करने के लिए निडर बनें, अपने लक्ष्यों के लिए कड़ी मेहनत करें, और दूसरों की रक्षा करें।

मंगल आपके जीवन में शक्ति, साहस और सफलता लाएं। मंगल आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की क्षमता प्रदान करें।

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