Skip to Content

पुष्य नक्षत्र: स्वास्थ्य और चरण फल | Pushya Nakshatra in Hindi

पुष्य नक्षत्र में जन्मे लोगों का शनि प्रभावित दयालु-आध्यात्मिक व्यक्तित्व, करियर में स्थिर उन्नति, वैवाहिक सुख, स्वास्थ्य रहस्य और चार पादों का पूरा विश्लेषण।
24 January 2026 by
पुष्य नक्षत्र: स्वास्थ्य और चरण फल | Pushya Nakshatra in Hindi
Skill Astro


पुष्य नक्षत्र: स्वास्थ्य और चरण फल | Pushya Nakshatra in Hindi | Skill Astro

पुष्य नक्षत्र वैदिक ज्योतिष का आठवां नक्षत्र है, जो कर्क राशि के 3°20' से 16°40' तक फैला हुआ है - कुल 13°20' का विस्तार, जहां पोषण और समृद्धि की वर्षा होती है। इसका स्वामी शनि ग्रह है और देवता बृहस्पति हैं, जो आध्यात्मिकता, दूध और पालन-पोषण के प्रतीक हैं। कल्पना कीजिए एक मां की गोद की तरह - गर्मजोशी, सुरक्षा और असीमित प्रेम प्रदान करने वाला। यही पुष्य का जादू है, जहां जातक जीवन में दूसरों का भला करते हुए स्वयं समृद्ध होते हैं। ये लोग धार्मिक, धैर्यवान और बुद्धिमान होते हैं, लेकिन कठोर अनुशासन से बंधे रहते हैं। 31-35 वर्ष की आयु के बाद चरम सफलता मिलती है, जब शनि की मेहनत फलित होती है। कुंडली के 12 भाव में यह धन और परिवार भाव को मजबूत करता है, जबकि ग्रहों के 9 प्रकार में शनि की ऊर्जा स्थिरता लाती है। पुष्य सबसे शुभ नक्षत्र है, कोई गंडमूल दोष नहीं।

पुरुषों का व्यक्तित्व

पुष्य नक्षत्र के पुरुष चंद्रमा की चांदनी जैसे शांत और आकर्षक होते हैं - गोरा रंग, गोल चेहरा, कोमल आंखें और हमेशा मुस्कुराता चेहरा, जो सबको शांति का आभास कराता है। इनका हृदय विशाल, दयालु और धार्मिक होता है, परिवार के लिए बलिदान करने वाले, लेकिन स्वभाव से गंभीर और नियमों के पाबंद। कभी जिद्दी या अधिक रूढ़िवादी हो सकते हैं, लेकिन इनकी सलाह जीवन बदल देती है। जीवन में स्थिरता पसंद, ये परंपराओं को निभाते हुए आधुनिकता अपनाते हैं। परिवार और समाज के प्रति समर्पित, ये चुनौतियों को धैर्य से जीत लेते हैं - सोचिए, ऐसा व्यक्ति जो व्यवसाय संभाले, मंदिर बनवाए और सबका मार्गदर्शक बने!

पुरुषों का करियर

ये पुरुष स्थिर क्षेत्रों में राज करते हैं - कृषि, डेयरी, सरकारी नौकरी, शिक्षण, धर्माचार्य, चिकित्सा, होटल व्यवसाय या राजनीति। स्व-रोजगार आदर्श, खासकर उत्तर दिशा में दुकान से अपार धन। 31 वर्ष तक मेहनत, फिर स्थिर समृद्धि। शनि दशा में बड़े पद या विरासत लाभ। इनकी नेतृत्व शैली पिता जैसी, जो कर्मचारियों को परिवार मानती है।

पुरुषों की अनुकूलता

विवाह 28-32 वर्ष में शुभ, पत्नी के साथ गहरा, स्थिर बंधन - ये जीवनसाथी की पूजा करते हैं। मां-बहनों से विशेष लगाव, मित्रों का विश्वसनीय घेरा। पिता से सामंजस्य, कुल मिलाकर पारिवारिक जीवन स्वर्गीय। संतान सुख और वैभव।

पुरुषों का स्वास्थ्य

शरीर मजबूत लेकिन पेट, छाती या हड्डी समस्या संभव। मानसिक शांति बनाए रखें। योग, हवन और दूध-आहार से दीर्घजीवी। अधिक तनाव से बचें।

महिलाओं का व्यक्तित्व

पुष्य की महिलाएं माता लक्ष्मी सी धन्य होती हैं - सुंदर, कोमल आकृति, मधुर बोल और शांत मुस्कान जो घर को स्वर्ग बनाए। धार्मिक, दयालु और कुशल गृहिणी, ये परिवार की धुरी होती हैं। भावुक लेकिन संयमित, प्रेम में वफादार। कभी अधिक चिंता परेशान करती है, लेकिन इनकी प्रार्थना हर विपदा टाल देती। समाज में पूजनीय।

महिलाओं का करियर

शिक्षा, चिकित्सा, काउंसलिंग, कृषि या घरेलू व्यवसाय में सफल। बचतप्रिय और धार्मिक, स्व-रोजगार से धन संचय। परिवार प्राथमिक, कभी नौकरी से घर संभालती हैं।

महिलाओं की अनुकूलता

शादी 25-29 वर्ष में उत्तम, देरी नहीं होती। पति-बच्चों से अपार स्नेह, मां-बहन से बंधन। जीवन समृद्धि से भरा।

महिलाओं का स्वास्थ्य

मासिक धर्म, पेट या स्तन समस्या पर ध्यान। रसोई सावधानी। सात्विक आहार से सदैव स्वस्थ।

पुष्य नक्षत्र के चार चरण

प्रथम चरण (3°20'-6°40' कर्क, सिंह नवांश, सूर्य): नेतृत्वकारी, महत्वाकांक्षी।

द्वितीय चरण (6°40'-10°00' कर्क, कन्या नवांश, बुध): विश्लेषणात्मक, सेवा भावी।

तृतीय चरण (10°00'-13°20' कर्क, वृश्चिक नवांश, मंगल): साहसी, ऊर्जावान।

चतुर्थ चरण (13°20'-16°40' कर्क, धनु नवांश, गुरु): आध्यात्मिक, उदार।

सामान्य FAQ

प्रश्न: पुष्य नक्षत्र का स्वामी कौन है?

उत्तर: शनि, स्थिरता और पोषण देता है।

प्रश्न: पुष्य जातकों का भाग्य कब खुलता है?

उत्तर: 31-35 वर्ष बाद अपार समृद्धि।

प्रश्न: क्या पुष्य गंडमूल है?

उत्तर: नहीं, सबसे शुभ नक्षत्र।

प्रश्न: शुभ रत्न क्या है?

उत्तर: नीलम, शनिवार को धारण करें।

प्रश्न: पुष्य वाले धनी बनते हैं?

उत्तर: हां, मेहनत से वैभव प्राप्ति।

READ IN ENGLISH
पुष्य नक्षत्र: स्वास्थ्य और चरण फल | Pushya Nakshatra in Hindi
Skill Astro 24 January 2026
Sign in to leave a comment