
शादी को लेकर एक सवाल लगभग हर घर में गूंजता है —
“अब कब होगी?”
कभी रिश्ते आते-आते रुक जाते हैं,
कभी बात पक्की होकर टूट जाती है,
तो कभी सब ठीक होने के बाद भी date आगे खिसकती चली जाती है।
2026 को लेकर बहुत लोग जानना चाहते हैं कि
क्या यही साल शादी का है या फिर इंतज़ार और करना पड़ेगा?
इस लेख में हम कोई डराने वाली भविष्यवाणी नहीं करेंगे,
ना ही “पक्का होगा / नहीं होगा” जैसा दावा।
यहाँ हम समझेंगे कि कुंडली में शादी के योग को सही तरीके से कैसे चेक किया जाता है,
और 2026 में किन बातों का ध्यान ज़रूरी है।
पहले एक ज़रूरी बात समझ लें
अक्सर लोग Google पर सर्च करते हैं:
“2026 में मेरी शादी होगी या नहीं?”
“मेरी राशि से शादी कब होगी?”
यहीं से सबसे बड़ी गलती शुरू होती है।
शादी सिर्फ राशि से तय नहीं होती।
एक ही राशि के दो लोगों की शादी एक ही साल में हो — यह ज़रूरी नहीं।
शादी का योग देखने के लिए पूरी कुंडली देखी जाती है,
और उसमें भी कुछ खास बिंदु सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं।
शादी का योग चेक करने के लिए कुंडली में क्या देखा जाता है?
सप्तम भाव (7th House) – शादी का मूल आधार
कुंडली में सप्तम भाव विवाह और जीवनसाथी का मुख्य भाव माना जाता है।
2026 में शादी के योग देखने के लिए यह देखा जाता है:
सप्तम भाव खाली है या नहीं
उस पर कौन-सा ग्रह दृष्टि डाल रहा है
सप्तम भाव का स्वामी (Lord) मजबूत है या कमजोर
अगर सप्तम भाव या उसका स्वामी बहुत कमजोर हो,
तो अच्छे साल में भी शादी टल सकती है।
शुक्र और गुरु – विवाह के कारक ग्रह
शुक्र: प्रेम, आकर्षण, वैवाहिक सुख
गुरु: विवाह की अनुमति और स्थिरता
2026 में शादी के योग तब मजबूत माने जाते हैं जब:
शुक्र या गुरु शुभ स्थिति में हों
ये ग्रह सप्तम भाव या उसके स्वामी से जुड़े हों
कई मामलों में सब ठीक होता है,
पर गुरु का ट्रांजिट अनुकूल न होने से शादी आगे बढ़ती चली जाती है।
दशा और अंतर्दशा – असली टाइमिंग यहीं से आती है
बहुत लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं,
लेकिन दशा-अंतर्दशा सबसे निर्णायक फैक्टर होती है।
2026 में शादी का योग तब बनता है जब:
सप्तम भाव
सप्तम भाव का स्वामी
शुक्र या गुरु
इनमें से किसी की दशा या अंतर्दशा चल रही हो।
बिना सही दशा के,
सिर्फ अच्छा ट्रांजिट भी शादी नहीं करा पाता।
राहु, केतु और शनि – देरी के संकेत
अगर कुंडली में:
सप्तम भाव पर शनि की दृष्टि हो
राहु-केतु का प्रभाव ज्यादा हो
तो 2026 में:
रिश्ता बनते-बनते अटक सकता है
परिवार की तरफ से रुकावट आ सकती है
खुद मन में कन्फ्यूजन रह सकता है
इसका मतलब यह नहीं कि शादी नहीं होगी,
पर देरी का योग बन सकता है।
2026 में शादी के योग को सही तरीके से कैसे चेक करें?
अगर आप सच में जानना चाहते हैं, तो यह 3-स्टेप तरीका अपनाइए:
Step 1: सिर्फ राशि या नाम पर भरोसा मत करें
ये सिर्फ सामान्य संकेत देते हैं, निर्णय नहीं।
Step 2: अपनी कुंडली में ये 4 चीजें जरूर देखें
सप्तम भाव
शुक्र और गुरु की स्थिति
चल रही दशा-अंतर्दशा
2026 का गोचर प्रभाव
Step 3: यह मानकर चलें कि हर कुंडली अलग होती है
दो लोगों का जन्म एक ही दिन हो सकता है,
लेकिन शादी का समय अलग-अलग।
एक आम भ्रम जिसे तोड़ना ज़रूरी है
“अगर इस साल नहीं हुई, तो अब कभी नहीं होगी।”
यह सोच गलत है।
कई लोगों की शादी:
28 के बाद होती है
32 के बाद होती है
या करियर सेट होने के बाद होती है
कुंडली ना तो डराने के लिए होती है,
ना ही उम्मीद तोड़ने के लिए।
वह सिर्फ सही समय बताने का एक साधन है।
क्या 2026 सबके लिए शादी का साल है?
ईमानदार जवाब: नहीं।
कुछ लोगों के लिए 2026 बहुत मजबूत साल हो सकता है
कुछ के लिए यह सिर्फ तैयारी का समय होगा
और कुछ के लिए 2027-28 ज़्यादा अनुकूल हो सकता है
इसलिए “2026 में शादी होगी या नहीं” का जवाब
बिना व्यक्तिगत कुंडली देखे देना गलत है।
निष्कर्ष (Conclusion)
अगर आप सच में जानना चाहते हैं कि:
2026 में शादी के योग बन रहे हैं या नहीं
देरी क्यों हो रही है
अगला सही समय कौन-सा है
तो सिर्फ सामान्य लेख पढ़ना काफी नहीं है।
ये लेख आपको दिशा देता है,
लेकिन उत्तर आपकी कुंडली में है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या सिर्फ राशि से शादी का समय पता चल सकता है?
नहीं। राशि केवल सामान्य प्रवृत्ति बताती है,
शादी का समय कुंडली के कई योगों पर निर्भर करता है।
अगर 2026 में योग नहीं बने तो क्या शादी नहीं होगी?
ऐसा नहीं है।
कई बार योग अगले 1–2 साल में ज्यादा मजबूत हो जाते हैं।
क्या मंगल दोष या शनि दोष शादी रोक देते हैं?
ये देरी या रुकावट ला सकते हैं,
लेकिन शादी को हमेशा के लिए रोकते नहीं हैं।
क्या बिना कुंडली देखे उपाय करना सही है?
अक्सर नहीं।
गलत उपाय कभी-कभी समस्या को बढ़ा भी सकते हैं।
सही तरीका क्या है?
अपनी पूरी जन्म कुंडली के आधार पर
शादी के योग और समय को समझना।