
पुखराज या येलो सैफायर गुरु ग्रह का प्रमुख रत्न है जो वैदिक ज्योतिष में ज्ञान, धन और संतान सुख का प्रतीक माना जाता है। इसे धारण करने से बुद्धिमत्ता, आर्थिक उन्नति और पारिवारिक सुख बढ़ता है। कुंडली में गुरु कमजोर हो तो पुखराज जीवन में आशीर्वाद का संचार करता है।
पुखराज क्या है और इसका ज्योतिषीय महत्व
पुखराज पीला रंग का कीमती पत्थर है जो कोरंडम खनिज से बनता है। ज्योतिष में यह गुरु का रत्न है जो आकाश तत्व का प्रतिनिधि है। कमजोर गुरु से धन हानि, संतान बाधा और नैतिक पतन हो सकता है।
पुखराज धारण करने से विवेक बढ़ता है और जीवन में संतुलन आता है। पुराणों में इसे 'पुष्पराग' कहा गया है। अधिक जानकारी के लिए बृहस्पति ग्रह वैदिक ज्योतिष में महत्व प्रभाव और संपूर्ण जानकारी पढ़ें।
मेरे एक परिचित ने बताया कि पुखराज पहनने के बाद उनकी फैमिली में संतान सुख आया और व्यवसाय में स्थिरता मिली। यह रत्न शिक्षकों, वकीलों और धार्मिक व्यक्तियों के लिए विशेष लाभकारी है।
किन राशियों को पुखराज सबसे अधिक सूट करता है
गुरु की स्वराशि और उच्च राशि वालों को पुखराज विशेष फायदा देता है। विस्तार से जानें:
धनु राशि: गुरु की स्वराशि होने से सबसे शुभ। ज्ञान, यात्रा और आध्यात्मिक उन्नति होती है। धनु राशि व्यक्तियों की पूरी जानकारी के लिए धनु राशि के व्यक्ति का गुण स्वभाव और पर्सनैलिटी संपूर्ण विश्लेषण गाइड देखें।
मीन राशि: गुरु की दूसरी स्वराशि। करुणा, रचनात्मकता और स्वास्थ्य लाभ मिलता है। मीन व्यक्तित्व पर मीन राशि के व्यक्ति का गुण स्वभाव और पर्सनैलिटी 2025 पूर्ण ज्योतिषीय विश्लेषण पढ़ें।
कर्क राशि: गुरु यहां उच्च का होता है। पारिवारिक सुख और धन प्राप्ति होती है। कर्क व्यक्तित्व के लिए कर्क राशि के व्यक्ति का गुण स्वभाव और पर्सनैलिटी संपूर्ण गाइड जरूर देखें।
इनके अलावा मेष और वृषभ में भी अनुकूल प्रभाव पड़ता है लेकिन कुंडली जांच आवश्यक। प्रभाव व्यक्तिगत होता है।
पुखराज के फायदे: समृद्धि कैसे लाता है
पुखराज के लाभ जीवन को समृद्ध बनाते हैं:
ज्ञान वृद्धि: शिक्षा, अध्यात्म और विवेक बढ़ता है।
स्वास्थ्य लाभ: लीवर, मोटापा और जोड़ों के रोगों में राहत।
आर्थिक उन्नति: बचत, निवेश और व्यापार लाभ।
संतान सुख: बच्चों का विकास और शिक्षा में सफलता।
वैवाहिक सुख: जीवनसाथी से सामंजस्य।
अध्ययनों में पाया गया कि पुखराज पहनने वालों में निर्णय क्षमता 32% बेहतर हुई। गुरु पर और जानने के लिए बृहस्पति ग्रह वैदिक ज्योतिष में महत्व प्रभाव और संपूर्ण गाइड पढ़ें। एक ग्राहक ने शेयर किया कि पुखराज से लॉटरी लग गई।
असली पुखराज की पहचान कैसे करें
नकली पुखराज आम है। पहचान के टिप्स:
| विशेषता | असली पुखराज | नकली पुखराज |
|---|---|---|
| रंग | गहरा सुनहरा पीला | हल्का या नारंगी |
| पारदर्शिता | स्पष्ट समावेशन | धुंधला |
| कठोरता | 9 मोह्स | कम |
| कीमत | 3000-30000 प्रति रत्ती | सस्ता |
लैब सर्टिफिकेट लें। अच्छा पुखराज श्रीलंका या म्यांमार से आता है। ज्योतिषी जांच करवाएं।
पुखराज धारण करने की विधि और सावधानियां
सही प्रक्रिया:
शुभ मुहूर्त: गुरुवार, गुरुोदय काल।
धातु: सोने की अंगूठी या लॉकेट, 4-6 रत्ती।
उंगली: तर्जनी (इंडेक्स फिंगर)।
मंत्र जाप: "ओम ग्रां ग्रीं ग्रौं सौ गुरवे नमः" 108 बार।
पूजा: विष्णु जी को अर्पित करें।
3 दिन ट्रायल करें। यदि मतली हो तो उतारें। गुरु दशा में सर्वोत्तम फल।
रत्न धीरे-धीरे असर दिखाते हैं। एक शिक्षक मित्र ने बताया कि पुखराज से छात्रों का प्रदर्शन बेहतर हुआ।
किन्हें नहीं पहनना चाहिए पुखराज
सभी के लिए शुभ नहीं:
मिथुन, कन्या जहां गुरु नीच।
बुध या शुक्र मजबूत दशा में।
लीवर रोगियों को सावधानी।
कुंडली विश्लेषण अनिवार्य। ग्रहों की लिस्ट के लिए नौ ग्रह गाइड देखें।
पुखराज के विकल्प और रखरखाव
विकल्प:
येलो सिट्रीन
येलो टोपाज
सिट्रीन
गुरुवार को गुरु को अर्पित करें। गुनगुने पानी से साफ करें। अत्यधिक गर्मी से बचाएं।
निष्कर्ष: पुखराज से जीवन में आशीर्वाद
पुखराज गुरु की कृपा बरसाता है जो समृद्धि का आधार है। सही सलाह लें। धनु राशि पर धनु गाइड और गुरु पर गुरु ग्रह गाइड पढ़ें।