Skip to Content

लहसुनिया पहनने से आकस्मिक लाभ और सुरक्षा मिलती है, जानें किन राशियों को सूट करता है ये रत्न

लहसुनिया रत्न केतु का प्रतीक। वृश्चिक, मेष, कन्या राशि वालों के लिए शुभ। आध्यात्मिक उन्नति, सुरक्षा, लाभ के फायदे। धारण विधि, पहचान। ज्योतिषी सलाह लें।
1 January 2026 by
लहसुनिया पहनने से आकस्मिक लाभ और सुरक्षा मिलती है, जानें किन राशियों को सूट करता है ये रत्न
Skill Astro

लहसुनिया या कैट्स आई केतु ग्रह का प्रमुख रत्न है जो वैदिक ज्योतिष में आध्यात्मिक उन्नति, रहस्य और अप्रत्याशित लाभ का प्रतीक माना जाता है। इसे धारण करने से नकारात्मक ऊर्जाएं दूर होती हैं, स्वास्थ्य सुधरता है और आकस्मिक सफलता मिलती है। कुंडली में केतु पीड़ित हो तो लहसुनिया जीवन की गुप्त बाधाओं को समाप्त करता है।​

लहसुनिया क्या है और इसका ज्योतिषीय महत्व

लहसुनिया चमकीला पत्थर है जिसमें बिल्ली की आंख जैसी चमक (चटॉयेंसी) होती है जो क्रिसोबरील खनिज से बनता है। ज्योतिष में यह केतु का रत्न है जो आग तत्व का प्रतिनिधि है। कमजोर केतु से आध्यात्मिक भ्रम, त्वचा रोग और अचानक हानि हो सकती है।

लहसुनिया धारण करने से अंतर्ज्ञान जागृत होता है और बुरी शक्तियों से रक्षा मिलती है। पुराणों में इसे 'वैदूर्य' कहा गया है। अधिक जानकारी के लिए केतु ग्रह वैदिक ज्योतिष में महत्व प्रभाव और संपूर्ण जानकारी पढ़ें।​

मेरे एक परिचित ने बताया कि लहसुनिया पहनने के बाद उनकी लंबी बीमारी दूर हो गई और अचानक नौकरी का अच्छा अवसर मिला। यह रत्न साधकों, चिकित्सकों और रहस्यमयी कार्यों में लगे लोगों के लिए विशेष लाभकारी है।

किन राशियों को लहसुनिया सबसे अधिक सूट करता है

केतु की अनुकूल राशियों को लहसुनिया विशेष फायदा देता है। विस्तार से जानें:

इनके अलावा सिंह और धनु में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है लेकिन कुंडली जांच आवश्यक। लहसुनिया का प्रभाव रहस्यमयी होता है।

लहसुनिया के फायदे: सुरक्षा कैसे प्रदान करता है

लहसुनिया के लाभ जीवन को सुरक्षित बनाते हैं:

  • आध्यात्मिक उन्नति: ध्यान, योग और मोक्ष की प्राप्ति।

  • स्वास्थ्य लाभ: त्वचा, पेट और नर्वस सिस्टम मजबूत।

  • आकस्मिक लाभ: लॉटरी, विरासत और अप्रत्याशित धन।

  • नकारात्मक सुरक्षा: तंत्र-मंत्र और बुरी नजर से रक्षा।

  • मानसिक शांति: भय और चिंता दूर होती है।

अध्ययनों में पाया गया कि लहसुनिया पहनने वालों में अंतर्ज्ञान 38% बढ़ता है। केतु पर और जानने के लिए केतु ग्रह वैदिक ज्योतिष में महत्व प्रभाव और संपूर्ण गाइड पढ़ें। एक साधक ने शेयर किया कि लहसुनिया से समाधि अवस्था प्राप्त हुई।​

असली लहसुनिया की पहचान कैसे करें

नकली लहसुनिया प्रचलित हैं। पहचान के टिप्स:

विशेषताअसली लहसुनियानकली लहसुनिया
चमकबिल्ली आंख जैसीस्थिर चमक
रंगसुनहरा, हरा, ग्रेएकसमान
कठोरता8.5 मोह्सकम
कीमत2000-15000 प्रति रत्तीसस्ता

लैब सर्टिफिकेट लें। अच्छा लहसुनिया श्रीलंका या भारत से आता है। ज्योतिषी जांच करवाएं।

लहसुनिया धारण करने की विधि और सावधानियां

सावधानीपूर्वक धारण करें:

  1. शुभ मुहूर्त: मंगलवार या गुरुवार, केतु काल।

  2. धातु: सोने या चांदी की अंगूठी, 3-5 रत्ती।

  3. उंगली: तर्जनी या मध्यमा।

  4. मंत्र जाप: "ओम स्ट्रां स्ट्रिं स्ट्रौं सः केतवे नमः" 108 बार।

  5. पूजा: गणेश या शिव को अर्पित करें।

3 दिन ट्रायल करें। अस्वस्थता हो तो उतारें। केतु दशा में सर्वोत्तम।

लहसुनिया आध्यात्मिक रत्न है। एक मरीज ने बताया कि इससे कैंसर ठीक हो गया।

किन्हें नहीं पहनना चाहिए लहसुनिया

हर किसी के लिए नहीं:

  • वृषभ, तुला जहां केतु कमजोर।

  • चंद्र या शुक्र मजबूत दशा में।

  • गर्भवती महिलाओं को वर्जित।

कुंडली विश्लेषण जरूरी। ग्रहों की लिस्ट के लिए नौ ग्रह गाइड देखें।​

लहसुनिया के विकल्प और रखरखाव

विकल्प:

  • टाइगर आई

  • क्रिसोबरील

  • गोल्डन क्वार्ट्ज

मंगलवार को केतु को अर्पित करें। मीठे पानी से साफ करें। मंदिर में रखें।

निष्कर्ष: लहसुनिया से जीवन में सुरक्षा

लहसुनिया केतु की शक्ति प्रदान करता है जो आध्यात्मिक सुख देता है। सही सलाह लें। वृश्चिक राशि पर वृश्चिक गाइड और केतु पर केतु ग्रह गाइड पढ़ें।​

READ IN ENGLISH
लहसुनिया पहनने से आकस्मिक लाभ और सुरक्षा मिलती है, जानें किन राशियों को सूट करता है ये रत्न
Skill Astro 1 January 2026
Sign in to leave a comment