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मंगल दोष क्या है? प्रकार, लक्षण, प्रभाव और निवारण उपाय | Mangal Dosha Kya Hai in Hindi

मंगल दोष (Manglik Dosha) कुंडली में मंगल की स्थिति से बनता है जो विवाह में बाधा डालता है। जानें मंगल दोष के 4 प्रकार, लक्षण, फायदे और पूजा-रत्न उपाय। एस्ट्रोयोगी जैसे विशेषज्ञों से परामर्श लें।
3 January 2026 by
patel Shivam

मंगल दोष क्या है? प्रकार, लक्षण, प्रभाव और निवारण उपाय | Mangal Dosha Kya Hai in Hindi | Skill Astro

मंगल दोष क्या है? (Mangal Dosha Kya Hai)

ज्योतिष शास्त्र में कुंडली विश्लेषण के दौरान मंगल दोष का पता चलता है। यह तब बनता है जब मंगल ग्रह लग्न, चंद्र लग्न या वेनस लग्न से 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में स्थित हो। मंगल को ऊर्जा, साहस और आक्रामकता का कारक माना जाता है, लेकिन इन भावों में होने पर वैवाहिक सुख नष्ट करता है। कुंडली में मंगल दोष होने पर जातक को वैवाहिक जीवन में कलह, विलंब या पार्टनर को हानि का खतरा होता है। हालांकि, कुछ स्थितियां जैसे मंगल का नीच होना या उच्च राशि में होना दोष को कमजोर कर देती हैं। मंगल ग्रह की दशा में प्रभाव बढ़ता है।

मंगल दोष के प्रकार

मंगल दोष के चार मुख्य प्रकार होते हैं, जो लग्न के आधार पर निर्धारित होते हैं:

  1. लग्न मंगल दोष: मंगल लग्न से 1, 4, 7, 8, 12 भाव में हो तो सबसे शक्तिशाली। वैवाहिक जीवन पूरी तरह प्रभावित।

  2. चंद्र मंगल दोष: चंद्र लग्न से ऊपर बताए भावों में मंगल हो तो मानसिक कलह बढ़ता है।

  3. शुक्र मंगल दोष: शुक्र लग्न से मंगल की स्थिति से प्रेम-संबंध टूटने का योग।

  4. नाड़ी मंगल दोष: विवाह मिलान में नाड़ी के साथ मंगल दोष संयोजन से संतान हानि।

मंगल दोष के लक्षण और प्रभाव

मंगल दोष वाले व्यक्ति में क्रोध, जल्दबाजी और झगड़ालू स्वभाव दिखता है। मुख्य प्रभाव:

  • विवाह में देरी या अस्थिरता।

  • जीवनसाथी से अनबन, तलाक का खतरा।

  • दुर्घटना, रक्त विकार या शारीरिक कष्ट।

  • करियर में संघर्ष लेकिन सफलता मेहनत से। राहु-केतु दशा में प्रभाव तीव्र। परिवार को भी प्रभावित करता है।

मंगल दोष के फायदे

हर दोष नकारात्मक नहीं होता। मंगल दोष साहस, नेतृत्व और सफलता प्रदान करता है:

  • सेना, खेल, पुलिस जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन।

  • मजबूत इच्छाशक्ति से बाधाओं पर विजय।

  • यदि मंगल उच्च हो तो धन-समृद्धि। उदाहरण: कई सफल उद्यमी मांगलिक होते हैं।

मंगल दोष निवारण उपाय (Ramvan Upay)

मंगल दोष का निवारण संभव है। प्रभावी उपाय:

  • मंगलवार व्रत: मंगलवार को गुड़-चना दान करें, हनुमान चालीसा पाठ।

  • रत्न धारण: मूंगा (Coral) रत्न सोने/तांबे में मंगलवार को अनामिका में धारण (ज्योतिषी सलाह से)।

  • पूजा: मंगल दोष निवारण पूजा मंगलवार को कराएं। कुम्भ विवाह (मंगल से विवाह पूर्व मिट्टी के घड़े से)।

  • मंत्र जाप: "ॐ अं अंगारकाय नमः" 108 बार रोज।

  • दान: लाल वस्त्र, तांबा, मसूर दाल दान। पीपल पर जल चढ़ाएं।

  • अन्य: कुंभ राशि विवाह या मांगलिक से विवाह। कुंडली मिलान में 18 गुणों में कम से कम 17 गुण मिलें।

FAQ

मंगल दोष होने से क्या होता है?

विवाह में बाधा, कलह और स्वास्थ्य हानि, लेकिन उपाय से दूर।

मंगल दोष कितने समय रहता है?

मंगल दशा (7 वर्ष) तक तीव्र, लेकिन जीवनभर उपाय जरूरी।

मंगल दोष हमेशा के लिए कैसे दूर करें?

कुंडली परामर्श, पूजा और रत्न से स्थायी निवारण।

मंगल दोष पूजा कब करें?

मंगलवार या मृगशिरा नक्षत्र में।

मंगल दोष के लिए कौन सा रत्न?

मूंगा रत्न, 5-7 रत्ती, मंगलवार धारण।

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patel Shivam 3 January 2026
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