Skip to Content

मौनी अमावस्या 2026: यह क्यों मनाया जाता है? महत्व, कथा और लाभ

मौनी अमावस्या क्यों मनाया जाता है? 2026 में 18 जनवरी को महत्व, पौराणिक कथा, स्नान-दान लाभ। पितृ दोष नाश के सरल उपाय। SkillAstro पर पढ़ें पूरा रहस्य।
17 January 2026 by
Raj Maurya

मौनी अमावस्या 2026: यह क्यों मनाया जाता है? महत्व, कथा और लाभ | Skill Astro

मौनी अमावस्या क्यों मनाया जाता है?

मौनी अमावस्या को "मौन अमावस्या" कहते हैं क्योंकि इस दिन पूर्ण मौन रहकर ध्यान किया जाता है। यह हिंदू पंचांग का माघ मास का अंतिम दिन होता है, जब चंद्रमा पूर्ण काला दिखता है। प्राचीन काल से इसे पितृ पक्ष का समापन माना जाता है। गंगा स्नान से पूर्वज प्रसन्न होते हैं, पाप धुलते हैं। वैदिक ज्योतिष में शनि-राहु का प्रभाव कम करने के लिए यह सर्वोत्तम तिथि है। SkillAstro के अनुसार, आधुनिक जीवन की भागदौड़ में यह दिन मन को शांत करने का माध्यम है।

पुराणों में वर्णन है कि इस दिन विष्णु भगवान ने मौन साधना से ब्रह्मांड रचा। आज भी प्रयागराज, हरिद्वार में कुंभ जैसा मेला लगता है।

पौराणिक कथा और उद्गम

स्कंद पुराण की कथा: ऋषि दुर्वासा ने शिष्यों को क्रोध नियंत्रण सिखाने हेतु मौनी अमावस्या पर मौन व्रत बताया। एक बार राजा हरिश्चंद्र ने गंगा तट पर मौन रखा, तब शिवजी प्रकट हुए और बोले, "यह अमावस्या पितर मोक्ष का द्वार है।"

रामायण में भगवान राम ने वनवास के दौरान इसी दिन सीता खोजी, मौन ध्यान से दिशा मिली। महाभारत काल में पांडवों ने पितृ तर्पण किया। माता पार्वती ने शिव से पूछा, "यह क्यों विशेष?" शिव बोले, "अमावस्या पर चंद्र बल कमजोर, मौन से मन मजबूत होता है।" SkillAstro यूजर्स शेयर करते हैं, कथा सुनने से ही मनोकामनाएं पूरी हुईं।

धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

धार्मिक दृष्टि: पितृ कार्यों का राजा, तर्पण से 7 पीढ़ी मुक्ति। दान से पुण्य, स्नान से पाप नाश।​

ज्योतिष दृष्टि: मकर राशि में चंद्र प्रवेश, राहु दोष शांत। कुंडली में चंद्र/शनि कमजोर हो तो अवश्य करें। SkillAstro टिप: जन्म नक्षत्र अनुसार तर्पण दें।

वैज्ञानिक लाभ: मौन से मस्तिष्क तरंगें अल्फा मोड में, तनाव 40% कम। गंगा जल में बैक्टीरिया नष्ट करने गुण।

मनाने की परंपराएं

हरिद्वार-प्रयागराज में स्नान मेला। घर पर गंगाजल स्नान, पीपल पूजा। ब्राह्मण को तिल-जौ दान। रात्रि जागरण में भजन। SkillAstro: ऑनलाइन लाइव स्नान दर्शन उपलब्ध।

महिलाएं संतान के लिए, व्यापारी धन के लिए मनाते हैं।

5 प्रमुख लाभ

  • पितृ आशीर्वाद: संतान-धन सुख।

  • भाग्य जागरण: नौकरी-विवाह योग।

  • रोग निवारण: पुरानी बीमारियां दूर।

  • मानसिक शांति: अनिद्रा-चिंता समाप्त।

  • कर्म बंधन मुक्ति: पुनर्जन्म चक्र टूटे।​

SkillAstro अनुभव: एक व्रत से करियर बदला।

सावधानियां और टोटके

क्रोध न करें, शाकाहार रखें। टोटका: 108 तिल बहाएं। राहु काल बचें।​

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

मौनी अमावस्या क्यों मनाया जाता है?

पितृ तर्पण और मौन साधना के लिए।​

कब स्नान करें?

सुबह 6-8 बजे।​

मौन कितने समय?

1 घंटा से शुरू।​

घर पर कैसे?

गंगाजल से।​

लाभ कब मिले?

7-40 दिन में।​

बच्चे कर सकते?

हां, सरल रूप।​

कुंडली जरूरी?

सलाह लें।

Read In English
Raj Maurya 17 January 2026
Sign in to leave a comment