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Nag Panchami 2026 Kab Hai? Date, Shubh Muhurat, Puja Vidhi aur Mahatva

नाग पंचमी 2026 कब है? इस लेख में जानें नाग पंचमी की सही तारीख (17 अगस्त), पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्व और आसान पूजा विधि। सावन सोमवार के इस अद्भुत संयोग के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।
12 August 2026 by
Nag Panchami 2026 Kab Hai? Date, Shubh Muhurat, Puja Vidhi aur Mahatva
Vishnu Verma

Nag Panchami 2026 Kab Hai? Date, Shubh Muhurat, Puja Vidhi aur Mahatva | Skill Astro


Nag Panchami 2026: 

भारतीय संस्कृति की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यहाँ प्रकृति के हर रूप में ईश्वर का वास माना जाता है। नदियाँ हमारी माता हैं, पेड़ हमारे रक्षक हैं, और जीव-जंतु हमारे सह-यात्री। इसी अद्भुत परंपरा का एक जीता-जागता उदाहरण है— नाग पंचमी

क्या आपने कभी सोचा है कि जिस जीव से पूरी दुनिया खौफ खाती है, उसे हमारे देश में दूध क्यों पिलाया जाता है? उसे देवता मानकर उसके सामने सिर क्यों झुकाया जाता है? यही तो भारत की मिट्टी की खासियत है, जो हमें भय को भी भक्ति में बदलना सिखाती है। भगवान शिव के गले का हार और भगवान विष्णु की शैय्या माने जाने वाले नाग देवताओं को समर्पित यह त्योहार, हर साल सावन के पवित्र महीने में बड़ी ही श्रद्धा से मनाया जाता है।

अगर आपके मन में भी यह सवाल है कि 2026 में नाग पंचमी कब है (Nag Panchami 2026 Kab Hai)? तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। आइए, इस साल की तारीख, पूजा के शुभ मुहूर्त, सही पूजा विधि और इसके पीछे छिपे गहरे महत्व को विस्तार से समझते हैं।

2026 में नाग पंचमी कब है? 

हिंदू पंचांग के अनुसार, नाग पंचमी का त्योहार हर साल सावन (श्रावण) महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है।

साल 2026 में नाग पंचमी का यह पावन पर्व 17 अगस्त 2026, सोमवार को पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाएगा। यह साल शिव भक्तों के लिए बेहद खास और दुर्लभ होने वाला है। क्या आप जानते हैं क्यों? क्योंकि 17 अगस्त को सावन महीने का तीसरा सोमवार (Sawan Somwar) भी पड़ रहा है। यानी एक ही दिन भगवान शिव और उनके परम प्रिय नाग देवता की पूजा का अद्भुत संयोग बन रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार, ऐसा संयोग पूजा के फल को कई गुना बढ़ा देता है।

(नोट: गुजरात राज्य में एक अलग चंद्र कैलेंडर का पालन किया जाता है, इसलिए वहां नाग पंचमी लगभग 15 दिन बाद, 1 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी)।

नाग पंचमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त का चार्ट

पूजा का असली फल तभी मिलता है, जब उसे सही समय और मुहूर्त पर किया जाए। आपकी सुविधा के लिए नीचे नाग पंचमी 2026 की तिथियों और पूजा के मुहूर्त का एक आसान चार्ट दिया गया है:

विवरण (Event)तारीख और समय (Date & Time)
नाग पंचमी की मुख्य तारीखसोमवार, 17 अगस्त 2026
पंचमी तिथि प्रारंभ16 अगस्त 2026, शाम 4:52 बजे
पंचमी तिथि समाप्त17 अगस्त 2026, शाम 5:00 बजे
पूजा का शुभ मुहूर्तसुबह 05:51 बजे से सुबह 08:29 बजे तक
मुहूर्त की कुल अवधि2 घंटे 38 मिनट

(ध्यान दें: यह मुहूर्त नई दिल्ली के समय के अनुसार है। आपके शहर के अक्षांश के अनुसार इसमें कुछ मिनटों का अंतर आ सकता है।)

नाग पंचमी का महत्व: आखिर क्यों होती है नागों की पूजा?

इस त्योहार के पीछे सिर्फ धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ा वैज्ञानिक और सामाजिक संदेश भी छिपा है। आइए इसके विभिन्न पहलुओं को समझते हैं:

  1. काल सर्प दोष से मुक्ति का महादिन:

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में राहु-केतु के कारण 'काल सर्प दोष' होता है, उनके लिए नाग पंचमी का दिन किसी वरदान से कम नहीं है। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता और शिवलिंग की पूजा करने से इस दोष के नकारात्मक प्रभाव काफी हद तक कम हो जाते हैं।

  2. किसानों के मित्र हैं नाग:

    अगस्त के महीने में बारिश अपने चरम पर होती है। बारिश के पानी से बिल भर जाने के कारण सांप बाहर निकलने लगते हैं। कृषि प्रधान देश होने के नाते, किसान सांपों को मारते नहीं हैं, क्योंकि सांप खेतों में चूहों और अन्य कीड़े-मकोड़ों को खाकर फसलों की रक्षा करते हैं। यह त्योहार प्रकृति के पारिस्थितिक संतुलन (Ecological Balance) को बनाए रखने और वन्यजीवों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

  3. भाई की रक्षा का वचन:

    कुछ लोक कथाओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन बहनें नाग देवता से अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुरक्षा की प्रार्थना भी करती हैं।

नाग पंचमी की आसान पूजा विधि (Puja Vidhi)

अगर आप घर पर ही नाग देवता की पूजा करना चाहते हैं, तो शास्त्रों में इसके लिए बहुत ही सरल विधि बताई गई है।

1.स्नान और संकल्प:सूर्योदय से पूर्व उठें.

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद मन में नाग देवता का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें।

2.पूजा का स्थान तैयार करना:

घर के मंदिर या दरवाजे के दोनों ओर गोबर, हल्दी या गेरू से नाग देवता की आकृति बनाएं। आप चाहें तो चांदी, तांबे या मिट्टी की प्रतिमा भी स्थापित कर सकते हैं।

3.अभिषेक और अर्पण:कच्चा दूध अनिवार्य है.

नाग देवता को सबसे पहले जल अर्पित करें। इसके बाद उन्हें कच्चा (बिना उबला हुआ) दूध चढ़ाएं। दूध में थोड़ा सा शहद भी मिला सकते हैं।

4.शृंगार और भोग:

हल्दी, चंदन, अक्षत (साबुत चावल), और सफेद फूल चढ़ाएं। इसके बाद मिठाई या खीर का भोग लगाएं।

5.मंत्र जाप:

हाथ जोड़कर नाग गायत्री मंत्र का जाप करें: "ओम भुजंगेशाय विद्महे, सर्पराजाय धीमहि, तन्नो नाग: प्रचोदयात"। अंत में नाग पंचमी की कथा पढ़ें या सुनें और आरती करें।

नाग पंचमी के दिन क्या न करें? 

इस पावन दिन पर कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि अनजाने में भी कोई भूल न हो:

  • जमीन न खोदें: इस दिन खेत में हल चलाना, मिट्टी खोदना या नींव खोदना पूरी तरह वर्जित माना जाता है, ताकि जमीन के अंदर रहने वाले सांपों को कोई नुकसान न पहुंचे।

  • नुकीली चीजों का प्रयोग: कैंची, सुई-धागे या चाकू का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

  • उबला हुआ दूध न चढ़ाएं: नाग देवता को हमेशा कच्चा दूध ही अर्पित किया जाता है।

  • सांपों को नुकसान न पहुंचाएं: यदि कहीं सांप दिख जाए, तो उसे मारने के बजाय सुरक्षित रास्ता दे दें।

:निष्कर्ष

नाग पंचमी सिर्फ एक रस्म नहीं है; यह हमें सिखाती है कि प्रकृति में हर जीव का अपना एक विशेष स्थान और महत्व है। 2026 में सावन सोमवार के साथ पड़ने वाली यह नाग पंचमी आपके और आपके परिवार के लिए महादेव का असीम आशीर्वाद लेकर आए।

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